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IPL 2027 ऑक्शन से पहले शाई होप की धमाकेदार वापसी! इन 3 टीमों के लिए बन सकते हैं गेम-चेंजर

अनसोल्ड रहे शाई होप अब बनेंगे IPL 2027 का हॉट प्रॉपर्टी? इन 3 टीमों को कर सकते हैं चैंपियन

नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके इस फॉर्म के बाद IPL 2027 मिनी-ऑक्शन में उन्हें लेकर कई फ्रेंचाइजी की दिलचस्पी बढ़ सकती है। पिछले ऑक्शन में अनसोल्ड रहने वाले होप इस बार बड़ी बोली के साथ किसी टीम में शामिल हो सकते हैं। शाई होप ने भारत के खिलाफ चौथे टी20 में सिर्फ 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए। इस पारी के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने कहा है कि वे IPL 2027 ऑक्शन में टीमों के लिए बड़ा विकल्प साबित हो सकते हैं। IPL 2027 में लखनऊ सुपर जायंट्स का बड़ा दांव? लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए शाई होप एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने भी LSG को होप की संभावित डेस्टिनेशन बताया है। टीम को टॉप-ऑर्डर में अनुभव और विकेटकीपिंग का विकल्प दोनों मिल सकते हैं। होप टी20 में तेज रन बनाने के साथ-साथ मिडिल-ऑर्डर को स्थिरता भी दे सकते हैं। अगर LSG अपनी विदेशी कंबिनेशन में बदलाव करती है, तो होप उनके लिए बड़ा ऑक्शन टारगेट बन सकते हैं। ये भी पढ़ें:“कोई भी Judiciary को धमका नहीं सकता”: सुप्रीम कोर्ट मार्च पर CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी कोलकाता नाइट राइडर्स कोलकाता नाइट राइडर्स को मौजूदा समय में एक अच्छे कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज की तलाश है। शाई होप विकेटकीपर-बल्लेबाज होने के साथ-साथ वेस्टइंडीज की कप्तानी भी कर रहे हैं, इसलिए वे KKR के लिए टैक्टिकल विकल्प बन सकते हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि KKR के पास टॉप-ऑर्डर और विकेटकीपिंग के विकल्प पहले से मौजूद हैं। ऐसे में होप को लेने का फैसला टीम की रिटेंशन और ऑक्शन स्ट्रैटेजी पर निर्भर करेगा। दिल्ली कैपिटल्स दिल्ली कैपिटल्स ने पहले भी शाई होप पर भरोसा जताया था। वे 2024 में DC का हिस्सा रहे थे और 9 मैचों में 183 रन बनाए थे। अब उनके बेहतर फॉर्म के बाद दिल्ली एक बार फिर उन पर दांव लगा सकती है। अगर होप दिल्ली कैपिटल्स में वापसी करते हैं, तो क्लब को एक अनुभवी विदेशी सलामी बल्लेबाज मिल सकता है। उनकी ओपनिंग क्षमता और विकेटकीपिंग दोनों ही टीम के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। क्या मिलेगी बड़ी बोली? शाई होप के फॉर्म के बावजूद उन्हें बहुत बड़ी रकम मिलने की गारंटी नहीं है। आकाश चोपड़ा का मानना है कि ज्यादातर टीमों के ओपनिंग स्लॉट पहले से तय हैं, इसलिए होप को शायद ही 15 करोड़ जैसी भारी बोली मिले। वहीं, पूर्व इंग्लैंड कप्तान केविन पीटरसन का मानना है कि होप के नाम पर ऑक्शन में कई टेबल से बोली लग सकती है। अगर वे अपना नाम ऑक्शन में दर्ज कराते हैं, तो उनकी भारत दौरे की परफॉर्मेंस उनकी सबसे बड़ी USP बन सकती है।

विराट कोहली ने रचा इतिहास, पूरे किए 15,000 ODI रन; सचिन तेंदुलकर के बाद ऐसा करने वाले बने दूसरे बल्लेबाज

Virat Kohli ने पूरे किए 15,000 ODI रन, रचा इतिहास

तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में रविवार को India और West Indies के पहले ODI में विराट कोहली ने 15,000 ODI रन पूरे किए। सचिन तेंदुलकर के बाद वे पुरुष ODI क्रिकेट में इस आंकड़े तक पहुंचने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। कोहली ने यह milestone सिर्फ 303 innings में हासिल किया और इस मामले में सबसे तेज बल्लेबाज बन गए। उसी मैच में उन्होंने 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन बनाए। भारत ने West Indies के 295/7 के जवाब में 296 का लक्ष्य 41.4 overs में हासिल कर लिया। मैच 8 विकेट से जीतकर टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है। विराट कोहली ने कैसे पूरे किए 15,000 ODI रन? कोहली मैदान पर उतरे तब उनके नाम 14,941 ODI रन थे। 15,000 तक पहुंचने के लिए 59 रन चाहिए थे। West Indies के 295/7 के जवाब में भारत की शुरुआत अच्छी रही। रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 74 रन जोड़े। रोहित के आउट होने के बाद कोहली क्रीज पर आए और पहली गेंद से आक्रामक रुख रखा। chase के 29वें ओवर में उन्होंने Alzarri Joseph की गेंद पर लगातार दो चौके लगाए। इसी के साथ उनके ODI रन 15,000 के पार पहुंच गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने दोनों हाथ उठाकर अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर के प्रति सम्मान जताया और दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। milestone के बाद भी उनकी पारी रुकी नहीं। कोहली अंत तक नाबाद रहे और मैच का समापन छक्के के साथ किया। 15,000 ODI रन तक पहुंचने वाले दूसरे बल्लेबाज बने कोहली पुरुष ODI क्रिकेट में अब तक सिर्फ दो बल्लेबाज 15,000 रन के पार पहुंचे हैं। पहले सचिन तेंदुलकर थे, जिन्होंने ODI करियर में कुल 18,426 रन बनाए। दूसरे अब कोहली हैं। कोहली ने यह आंकड़ा 303 innings में छुआ। तेंदुलकर को इसके लिए 377 innings लगी थीं। यानी कोहली 74 innings पहले इस मुकाम पर पहुंच गए। ESPNcricinfo के आंकड़ों के मुताबिक गेंदों के लिहाज से भी वे आगे हैं: कोहली ने 15,950 गेंदों में यह आंकड़ा पूरा किया, जबकि तेंदुलकर को 17,528 गेंदें लगी थीं। Player ODI Runs Milestone Innings Virat Kohli 15,000 303 Sachin Tendulkar 15,000 377 यह तुलना सिर्फ इस milestone तक पहुंचने के statistical आंकड़े की है। इसे दोनों खिलाड़ियों के पूरे करियर की तुलना या “कौन बेहतर है” के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। दोनों का दौर, खेलने की परिस्थितियां और नियम अलग रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली की तूफानी 139* रन की पारी कोहली ने 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन बनाए। इस पारी में 10 चौके और 9 छक्के शामिल थे, यानी उनका strike rate करीब 158 रहा। उन्होंने शतक 74 गेंदों में पूरा किया। ESPNcricinfo के अनुसार ये 9 छक्के किसी ODI पारी में उनके सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले उनका सर्वाधिक आंकड़ा 2023 में श्रीलंका के खिलाफ इसी मैदान पर 8 छक्कों का था। किसी भारतीय बल्लेबाज का West Indies के खिलाफ ODI में यह सबसे ज्यादा छक्कों का आंकड़ा भी है। गिल के आउट होने के बाद (स्कोर 225/2) भारत को जीत के लिए 71 रन चाहिए थे। कोहली ने रुतुराज गायकवाड़ (नाबाद 13) के साथ बिना किसी दबाव के लक्ष्य पूरा किया। वे 50 से 100 के बीच भी तेज खेले और गति कम नहीं होने दी। यह उनके ODI करियर का 55वां शतक था। West Indies के खिलाफ यह उनका 10वां ODI शतक है, जो किसी एक टीम के खिलाफ बल्लेबाज के संयुक्त सर्वाधिक शतकों के बराबर है। शुभमन गिल ने भी जड़ा शतक भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने 108 गेंदों पर 110 रन बनाए, जिसमें 13 चौके और एक छक्का था। यह उनका 10वां ODI शतक था। ESPNcricinfo के मुताबिक 10 ODI शतक तक पहुंचने के लिए उन्होंने 67 innings लीं, जो किसी भी भारतीय के लिए सबसे कम है। उन्होंने शिखर धवन (77 innings) को पीछे छोड़ा। रोहित शर्मा के आउट होने के बाद गिल और कोहली ने दूसरे विकेट के लिए 151 रन जोड़े। यह साझेदारी 132 गेंदों में आई। गिल को Roston Chase ने आउट किया, तब तक भारत मजबूत स्थिति में था। दोनों शतकों ने भारत के लिए 296 का लक्ष्य आसान बना दिया। भारत ने 8 विकेट से जीता पहला ODI West Indies ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 overs में 295/7 बनाए। Justin Greaves ने अपना पहला ODI शतक (101) लगाया और John Campbell ने 62 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 135 रन जोड़े। इसके बाद कुलदीप यादव की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों ने वापसी की और मेहमान टीम 320 के पार नहीं जा सकी। कुलदीप ने 4 विकेट लिए और Player of the Match रहे। जवाब में भारत ने 41.4 overs में 300/2 बनाकर 8 विकेट से जीत दर्ज की। टीम के पास 50 गेंदें बाकी थीं। तीन मैचों की सीरीज में भारत 1-0 से आगे है। विराट कोहली के 15,000 ODI रन का रिकॉर्ड क्यों खास है? ODI क्रिकेट में 15,000 रन का आंकड़ा बेहद कम खिलाड़ियों की पहुंच में रहा है। पुरुष क्रिकेट में अब तक सिर्फ दो बल्लेबाज यहां पहुंचे हैं। यह आंकड़ा उनके ODI करियर की लंबी अवधि और लगातार रन बनाने की क्षमता को दिखाता है। कोहली ने 2008 में श्रीलंका के खिलाफ ODI डेब्यू किया था। 315 मैचों में उनका औसत 59.13 है। ICC के अनुसार वे 8,000 से 14,000 रन तक हर पड़ाव पर सबसे तेज पहुंचे थे। 37 साल की उम्र में, जब वे सिर्फ ODI खेल रहे हैं (T20I से 2024 में और Tests से 2025 में संन्यास ले चुके हैं), यह रिकॉर्ड इस निरंतरता का ठोस सबूत है। विराट कोहली के बड़े ODI रिकॉर्ड 15,000 ODI रन: तेंदुलकर (18,426) के बाद दूसरे बल्लेबाज। इस पारी के बाद उनके 15,080 रन हैं। 15,000 रन तक सबसे तेज: 303 innings, जबकि तेंदुलकर ने 377 innings ली थीं। ODI में सर्वाधिक शतक: 55 शतक। तेंदुलकर के 49 शतकों का रिकॉर्ड वे पहले ही पार कर चुके हैं। 50वां ODI शतक: 2023 विश्व कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ। सबसे तेज पड़ाव: 8,000 से 14,000 रन तक हर पड़ाव पर सबसे तेज (ICC)। 13,000 रन उन्होंने 267 innings में

Asian Games 2026: शॉट-पुटर मनप्रीत कौर ने जीता कांस्य पदक

Asian Games 2026: शॉट-पुटर Manpreet Kaur ने जीता कांस्य पदक

New Delhi: भारत की शॉट-पुटर Manpreet Kaur ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की शॉट पुट स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। 36 वर्षीय मनप्रीत पटियाला की रहने वाली हैं और उनका पिछला बड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन 2023 एशियन चैंपियनशिप का कांस्य पदक था। मुकाबले का हाल मनप्रीत ने अपने चौथे प्रयास में 17.17 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए पोडियम स्थान हासिल किया। फाइनल राउंड में उनका एक प्रयास अमान्य भी रहा, लेकिन इससे पहले हासिल थ्रो ने उन्हें पदक दिला दिया। चीन की सोंग जियायुआन ने 19.40 मीटर के थ्रो से स्वर्ण पदक जीता, जबकि उन्हीं की साथी झांग लिनरू ने 18.14 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। दक्षिण कोरिया की जियोंग यू सुन 16.78 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहीं। मनप्रीत की साथी कृष्णा जयशंकर मेनन ने 16.57 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। ये भी पढ़ें:SIR विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ PIL, दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों पर उठे सवाल Manpreet Kaur कौर कौन हैं मनप्रीत सात बार की राष्ट्रीय चैंपियन हैं और भारतीय एथलेटिक्स में एक दशक से ज्यादा समय से सक्रिय हैं। उन्होंने ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो 18.06 मीटर है, जो उन्होंने 2022 में किया था। 2026 में मनप्रीत ने नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 17.75 मीटर के थ्रो से जीत हासिल की थी, जो एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन मानक (16.25 मीटर) से कहीं ज्यादा था। यह मनप्रीत का पहला एशियन गेम्स पदक है। Shot Put Final Results – Asian Games 2026 Position Athlete Country Throw Gold Song Jiayuan China 19.40 m Silver Zhang Linru China 18.14 m Bronze Manpreet Kaur India 17.17 m 4th Jeong Yu Sun South Korea 16.78 m 5th Krishna Jayasankar Menon India 16.57 m भारत का प्रदर्शन एशियन गेम्स के छठे दिन भारत के लिए यह एक और पदक रहा। इसी दिन निशानेबाजों कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। FAQs Q1. मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स 2026 में कौन सा पदक जीता? मनप्रीत कौर ने महिलाओं की शॉट पुट स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। Q2. मनप्रीत कौर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कितना रहा? उन्होंने अपने चौथे प्रयास में 17.17 मीटर का थ्रो किया। Q3. शॉट पुट में स्वर्ण और रजत किसने जीते? चीन के सोंग जियायुआन ने 19.40 मीटर के साथ स्वर्ण पदक और झांग लिनरू ने 18.14 मीटर के साथ रजत पदक जीते। Q4.Manpreet Kaurकहां की रहने वाली हैं? वह पंजाब के पटियाला की रहने वाली हैं। Q5. .Manpreet Kaur का पिछला बड़ा पदक कौन सा था? 2023 एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक। Q6. क्या यह मनप्रीत का पहला एशियन गेम्स पदक है? हां, यह उनका पहला एशियन गेम्स पदक है। Q7. भारत की किस अन्य खिलाड़ी ने इसी स्पर्धा में हिस्सा लिया? कृष्णा जयशंकर मेनन ने 16.57 मीटर के थ्रो के साथ पांचवां स्थान हासिल किया।

Mirabai Chanu एशियन गेम्स सिल्वर: 28 साल बाद वेटलिफ्टिंग में लौटी देश की गुड न्यूज़

Mirabai Chanu एशियन गेम्स सिल्वर: 28 साल बाद इतिहास

New Delhi: भारत की स्टार वेटलिफ्टर Mirabai Chanu ने बुधवार को एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया। महिलाओं की 49 kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने न सिर्फ अपने करियर का सबसे बड़ा इंतजार खत्म किया, बल्कि भारत के लिए वेटलिफ्टिंग में 28 साल का सूखा भी खत्म किया। Mirabai Chanu एशियन गेम्स सिल्वर: उन्होंने कैसे जीता मेडल टोक्यो ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट Mirabai Chanu ने कुल 198 kg वजन उठाकर यह कामयाबी हासिल की। ​​उन्होंने स्नैच में शानदार शुरुआत की और 83, 85 और 87 kg के तीनों अटेम्प्ट सफलतापूर्वक पूरे किए, जिससे वह पहले हाफ के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। इसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 111 kg का शानदार लिफ्ट किया और कुल 198 kg (87 + 111) का स्कोर बनाया, जिससे वह नॉर्थ कोरिया की री सोंग-गम के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गईं। री सोंग-गम ने 215 kg के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंडोनेशिया की लुलुक डायना ट्राई विजयाना ने 191 kg के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। कर्णम मल्लेश्वरी की बराबरी, 28 साल का इंतज़ार खत्म इस मेडल के साथ, Mirabai Chanu ने भारतीय वेटलिफ्टिंग की दिग्गज कर्णम मल्लेश्वरी की भी बराबरी कर ली है, जिन्होंने 1998 में बैंकॉक एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था  तब से भारत इस खेल में एशियन गेम्स के पोडियम का इंतज़ार कर रहा था। चानू अब मल्लेश्वरी के बाद दूसरी भारतीय वेटलिफ्टर बन गई हैं जिन्होंने ओलंपिक्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप्स, कॉमनवेल्थ गेम्स के साथ-साथ एशियन गेम्स में भी पोडियम फिनिश हासिल किया है  मतलब उनका मेडल कलेक्शन अब लगभग पूरा हो गया है।   View this post on Instagram   A post shared by @News26india (@news26india) 12 साल का इंतज़ार खत्म हुआ मैच के बाद, इमोशनल चानू ने कहा, “एशियन गेम्स में मेडल जीतना एक सपने के सच होने जैसा है। मैं 2014 एशियन गेम्स से, यानी पिछले 12 सालों से इस मेडल का पीछा कर रही थी। इस मेडल के साथ अब मेरी ज़िंदगी पूरी हो गई है, और मैं बहुत हल्का महसूस कर रही हूँ। यह मेरे लिए एशियन गेम्स जैसा सपना रहा है।” इससे पहले, चानू 2014 इंचियोन गेम्स में भी पोडियम से चूक गई थीं, नौवें स्थान पर रहीं और 2018 जकार्ता गेम्स में, जबकि वह 2023 हांग्जो गेम्स में चौथे स्थान पर रहीं। भारत की मेडल टैली में बढ़ोतरी चानू के सिल्वर के साथ, आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स के 5वें दिन भारत की मेडल टैली और मज़बूत हो गई। उसी दिन, भारत ने शूटिंग और सॉफ्ट टेनिस में तीन ब्रॉन्ज़ मेडल भी जीते, जिससे भारत का कुल मेडल स्कोर 10 (1 गोल्ड, 4 सिल्वर, 5 ब्रॉन्ज़) हो गया। टूर्नामेंट में अब तक एकमात्र गोल्ड महिला क्रिकेट टीम ने जीता है, जबकि शूटिंग भारत के लिए सबसे बड़ा मेडल सोर्स बनकर उभरी है, जिसमें अब तक 7 मेडल (4 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज़) शामिल हैं। यह भी पढ़ें: स्क्रीन टाइम और जंक फूड बढ़ा रहे PCOS का खतरा: AIMS का बड़ा अध्ययन एक शानदार सीज़न का हिस्सा यह सिल्वर चानू के लिए एक शानदार सीज़न का हिस्सा है। इस साल की शुरुआत में, उन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीता, जहाँ उन्होंने 85 kg स्नैच और 105 kg क्लीन एंड जर्क के साथ कुल 190 kg वज़न उठाया। लेकिन एशियन गेम्स, एशिया के टॉप वेटलिफ्टर्स के खिलाफ, उनके लिए हमेशा एक अलग तरह की चुनौती रही हैं। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQ Q1: Mirabai Chanu ने एशियन गेम्स में किस कैटेगरी में सिल्वर जीता? महिलाओं की 49 kg वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में, कुल 198 kg वज़न उठाकर। Q2: गोल्ड मेडल किसने जीता? नॉर्थ कोरिया की री सोंग-गम ने कुल 215 किलोग्राम वज़न उठाकर। Q3: यह मेडल भारत के लिए खास क्यों है? कर्णम मल्लेश्वरी के 1998 के सिल्वर मेडल के बाद, यह 28 साल में भारत का पहला एशियन गेम्स वेटलिफ्टिंग मेडल है। Q4: Mirabai Chanu ने पहले कितनी बार एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था? यह उनका तीसरा एशियन गेम्स था 2014 में नौवां, चोट के कारण 2018 में नहीं खेल पाईं, और अब 2026 में सिल्वर मेडल। Q5: इस मेडल के साथ भारत की मेडल टैली कैसी दिखती है? भारत के पास कुल 10 मेडल हैं – 1 गोल्ड, 4 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज़।

Mark Wood टरनेशनल क्रिकेट संन्यास: इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ ने चोटों से हारकर लिया बड़ा फैसला

Mark Wood इंटरनेशनल क्रिकेट संन्यास इंग्लैंड तेज़ गेंदबाज़

New Delhi: इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ Mark Wood ने आखिरकार इंटरनेशनल क्रिकेट संन्यास का ऐलान कर दिया है। 36 वर्षीय वुड इंग्लैंड की 2019 वनडे और 2022 टी20 विश्व कप विजेता टीमों का अहम हिस्सा रहे हैं, और लगातार चोटों तथा मेडिकल सलाह के बाद उन्होंने यह मुश्किल फैसला लिया। Mark Wood इंटरनेशनल क्रिकेट संन्यास: करियर के आंकड़े वुड ने साल 2015 में लॉर्ड्स के मैदान पर न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। अपने करियर में उन्होंने 38 टेस्ट मैचों में 119 विकेट, 70 वनडे में 80 विकेट, और 38 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 54 विकेट हासिल किए यानी हर फॉर्मेट में उनका योगदान इंग्लैंड की सफलता का अहम हिस्सा रहा। चोटों से जूझते हुए लिया संन्यास का फैसला वुड ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में साफ लिखा कि पिछले एक साल को देखते हुए उनका Mark Wood इंटरनेशनल क्रिकेट संन्यास लेना शायद किसी के लिए हैरानी की बात नहीं है। उन्होंने बताया कि वह हमेशा चोटों से वापसी कर खुद को साबित करने की कोशिश करते रहे, लेकिन मेडिकल सलाह के मुताबिक अब उनके लिए टेस्ट और 50 ओवर का क्रिकेट खेलना संभव नहीं है यानी यह फैसला जज़्बे की कमी से नहीं, बल्कि शरीर की सीमाओं को स्वीकार करते हुए लिया गया।   View this post on Instagram   A post shared by Mark Wood (@mawood33) इंग्लैंड के लिए खेलना बताया सबसे बड़ा सम्मान वुड ने कहा कि इंग्लैंड के लिए खेलना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान और एक सपना सच होने जैसा रहा। दुनिया भर में घूमने, शानदार लोगों से मिलने और बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ तथा उनके खिलाफ खेलने को उन्होंने अपने लिए सौभाग्य बताया। 2019 वर्ल्ड कप में निभाई अहम भूमिका वुड इंग्लैंड की 2019 विश्व कप विजेता टीम का अहम हिस्सा थे और टूर्नामेंट में उन्होंने 18 विकेट लिए थे। फाइनल में मांसपेशियों में खिंचाव के बावजूद उन्होंने पूरी रफ्तार से गेंदबाज़ी जारी रखी यह जज़्बा ही उनकी पहचान बन गया। इसके अलावा 2022 में जोस बटलर की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम में भी वह शामिल रहे। यह भी पढ़ें:Sharad Pawar टाटा ट्रस्ट्स विवाद: चंद्रशेखरन एक्सटेंशन पर बोले “संवैधानिक प्रक्रिया का पालन हो” एशेज सीरीज़ में भी दिखाया दम वुड ने चार एशेज सीरीज़ में हिस्सा लिया। 2015 में ट्रेंट ब्रिज में निर्णायक विकेट लेकर उन्होंने इंग्लैंड को एशेज जीतने में मदद की थी, वहीं 2023 में हेडिंग्ले टेस्ट में उनके शानदार स्पेल ने इंग्लैंड को सीरीज़ में वापसी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। टीम मैनेजमेंट की तरफ से मिली सराहना इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट टीम के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने वुड के करियर की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि एशेज और दो विश्व कप जीत में उनकी भूमिका बेहद खास रही है। Mark Wood इंटरनेशनल क्रिकेट संन्यास के इस फैसले के साथ इंग्लैंड क्रिकेट एक ऐसे गेंदबाज़ को अलविदा कह रहा है, जिसने हमेशा अपनी रफ्तार और जज़्बे से मैदान पर छाप छोड़ी। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Q1: Mark Wood ने संन्यास क्यों लिया? लगातार चोटों और मेडिकल सलाह के बाद, क्योंकि अब उनके लिए टेस्ट व वनडे क्रिकेट खेलना संभव नहीं रहा। Q2: Mark Wood का इंटरनेशनल डेब्यू कब हुआ था? 2015 में, लॉर्ड्स के मैदान पर न्यूज़ीलैंड के खिलाफ। Q3: Mark Wood  के करियर के आंकड़े क्या हैं? 38 टेस्ट में 119 विकेट, 70 वनडे में 80 विकेट, और 38 टी20 इंटरनेशनल में 54 विकेट। Q4: Mark Wood किन बड़ी जीत का हिस्सा रहे हैं? 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2022 टी20 वर्ल्ड कप, दोनों इंग्लैंड की विजेता टीमों में। Q5: टीम मैनेजमेंट ने उनके संन्यास पर क्या कहा? मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने एशेज और दो विश्व कप जीत में उनके योगदान की खुले दिल से सराहना की।

Costa Serena क्रूज़ पर 4,000 एथलीट! Japan के अनोखे Asian Games प्लान की चर्चा

Japan का बजट Asian Games मॉडल बना OCA का उदाहरण

New Delhi: एशिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन, Asian Games, आज औपचारिक रूप से जापान के नागोया में शुरू हो गया  लेकिन इस बार आयोजन की सबसे बड़ी चर्चा मेडल टेबल से पहले हुई, आवास व्यवस्था को लेकर। जापान ने पारंपरिक “एथलीट्स विलेज” बनाने के बजाय झोपड़ियों (Huts) और एक क्रूज़ शिप का सहारा लिया और अब Olympic Council of Asia (OCA) ने इस मॉडल की जमकर तारीफ की है। क्या है पूरा मामला 17,000 से ज़्यादा प्रतिभागियों की मेज़बानी के लिए नागोया में आवास की भारी कमी ने आयोजन की तैयारियों पर पहले से ही सवाल खड़े कर दिए थे। कई देशों ने खासतौर पर शिपिंग-कंटेनर स्टाइल की झोपड़ियों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भी दर्ज कराई थीं। लागत घटाने के लिए जापानी आयोजकों ने इस बार पारंपरिक “Athletes’ Village” बनाने से पूरी तरह परहेज़ किया। यह भी पढ़ें:Pune Bhumkar Bridge Accident: Container का Brake Fail होने से 2 की जान गई, कई घायल किसे कहां ठहराया गया इसके बजाय करीब 4,000 प्रतिभागियों को नागोया बंदरगाह पर खड़े क्रूज़ लाइनर Costa Serena पर ठहराया गया, जबकि 2,000 अन्य प्रतिभागी लकड़ी की झोपड़ियों में रह रहे हैं। बाकी प्रतिभागियों को नागोया शहर और आइची प्रांत के अलग-अलग होटलों में जगह दी गई है। OCA अधिकारी ने की तारीफ कुछ टीमों की शिकायतों के बावजूद, Olympic Council of Asia के महासचिव हुसैन अल-मुसल्लम ने जापान के इस अलग तरीके को अपनाने के लिए सराहा। उन्होंने कहा, “जापान ने जो यहां किया है, और आइची-नागोया व OCA ने मिलकर जो मॉडल पेश किया है, वह भविष्य में Asian Games जैसे मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स की लागत घटाने के लिए एक उदाहरण बन सकता है।” मेज़बान देश पर आर्थिक बोझ न पड़े यही असली मकसद अल-मुसल्लम की टिप्पणी का सार साफ था OCA नहीं चाहता कि मेज़बान देशों को इस तरह के विशाल आयोजनों की वजह से भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़े। यह रुख खासतौर पर अहम इसलिए भी है क्योंकि हाल के वर्षों में कई देशों ने बड़े खेल आयोजनों की मेज़बानी से इसी वजह से किनारा किया है  भारी निर्माण लागत और वित्तीय जोखिम की वजह से। जापान का यह “इनोवेटिव” मॉडल आने वाले वर्षों में अन्य संभावित मेज़बान देशों के लिए एक सस्ता और व्यावहारिक विकल्प पेश कर सकता है। आयोजन के बारे में XX Asian Games, जिसे आधिकारिक तौर पर Aichi-Nagoya 2026 भी कहा जा रहा है, 10 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची प्रांत में आयोजित हो रहे हैं। इसमें 46 देशों के करीब 10,840 एथलीट 43 खेलों की 469 स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन का आधिकारिक उद्घाटन शनिवार को हुआ। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Q1: जापान ने इस बार पारंपरिक Athletes’ Village क्यों नहीं बनाया? लागत घटाने के मकसद से, झोपड़ियों और एक क्रूज़ शिप का इस्तेमाल किया गया। Q2: कितने प्रतिभागियों को क्रूज़ शिप पर ठहराया गया है? करीब 4,000 प्रतिभागियों को Costa Serena क्रूज़ लाइनर पर, और 2,000 को लकड़ी की झोपड़ियों में। Q3: OCA अधिकारी ने इस मॉडल पर क्या कहा? कि यह भविष्य में अन्य देशों के लिए Asian Games जैसे बड़े आयोजनों की लागत घटाने का एक उदाहरण बन सकता है। Q4: क्या सभी टीमें इस व्यवस्था से संतुष्ट हैं? नहीं, कुछ देशों ने खासतौर पर झोपड़ियों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं। Q5: 2026 Asian Games कब तक चलेंगे? 10 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक, आइची प्रांत, जापान में।

Shefali Verma का धमाका, भारत ने जापान को 8 विकेट से रौंदा, Asian Games Semifinal में एंट्री

India Women ने Japan को 8 विकेट से हराया, Semifinal में

New Delhi: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियाई खेलों 2026 में अपने खिताब को बरकरार रखने की शुरुआत शानदार ढंग से की। हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम ने क्वार्टर फाइनल में मेजबान जापान को 8 विकेट से हरा दिया। इस मैच को टीम ने बस 90 गेंदें बची हुई थीं तभी जीत लिया, जो एक बेहतरीन प्रदर्शन रहा। टॉस जीतकर बेहतर फैसला लिया हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, और यह रणनीति बिल्कुल सही साबित हुई। पिच और मौसम की स्थिति के हिसाब से यह एक जोखिम भरा फैसला हो सकता था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने जापान के बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया। उन्हें कभी संभलने का मौका नहीं मिला। गेंदबाजों ने जापान को शुरू से ही हिला दिया भारतीय गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए जापान को सिर्फ 57 रन पर 19.5 ओवर में आउट कर दिया। स्री चरणी इस गेंदबाजी स्पेल की सबसे महान खिलाड़ी रहीं। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 4 विकेट लिए। इसमें दो शानदार डबल-विकेट ओवर भी शामिल थे। जापान के ओवर शुरू ही तोड़ दिए गए। शाफली वर्मा और डीपीती शर्मा ने भी एक-एक विकेट लिए, जबकि श्रेयंका पाटिल ने भी एक विकेट चटकाया। भारतीय फील्डिंग भी बेहद तेज रही। कई शानदार रन आउट्स ने जापान के बल्लेबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। जापान के लिए सबसे ज्यादा रन एयाका कातो-स्टाफर्ड ने 47 गेंद में 25 रन बनाए। लेकिन बाकी बल्लेबाजों ने बुरा प्रदर्शन किया और नियमित अंतराल पर विकेट गंवाते रहे। यह भी पढ़ें:स्वस्थ भारत Developed भारत: Health Conclave में बोले केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya शाफली वर्मा ने बल्लेबाजी में अपनी बराबरी की अगर गेंदबाजी में स्री चरणी ने अपनी बराबरी की, तो बल्लेबाजी में शाफली वर्मा के नाम रही। भारत ने 58 रन के लक्ष्य की बराबरी करते हुए पावरप्ले में ही मैच जीत लिया। शाफली ने 15 गेंदों में नाबाद 40 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 2 छक्के शामिल थे। रिचा घोष ने 6 गेंदों में नाबाद 12 रन बनाए और भारतीय टीम के साथ रहीं। भारत ने सिर्फ 5 ओवर में 59/2 के स्कोर पर मैच खत्म कर दिया। शाफली ने मैच खत्म कर दिया, एक ही शॉट में मैच जीतने के लिए एक रन बाकी था। शाफली वर्मा ने शिमाको कातो की गेंद पर लॉन्ग ओन के ऊपर से एक बड़ा छक्का लगाकर मैच को एक बेहतरीन अंदाज में खत्म कर दिया। उनका यह शॉट पूरे मैच की कहानी को एक ही आंख में बता रहा था। हालांकि शाफली इस महीने दुबई में हुए महिला एशिया कप 2026 में भी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं, जहां भारत ने खिताब जीता। इसके बाद से उनका फॉर्म बेहतरीन बना हुआ है। अब Semifinal में बांग्लादेश के खिलाफ होगा मैच भारतीय टीम अब रविवार को कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क, निशिन में बांग्लादेश के खिलाफ Semifinal खेलेगी। बांग्लादेश पहले ही गुरुवार को सेमीफाइनल में पहुंच चुका था, क्योंकि चीन के खिलाफ उनका क्वार्टर फाइनल बरसात के कारण रद्द हो गया था। दूसरे सेमीफाइनल में एशिया कप 2026 की उपविजेता श्रीलंका फातिमा सना की पाकिस्तान टीम से भिड़ेगी। दोनों सेमीफाइनल रविवार को होंगे और टूर्नामेंट बेहद रोमांचक हो गया है। भारत के लिए यह जीत अहम रही पिछले संस्करण में स्वर्ण पदक जीत चुकी भारतीय टीम के लिए इस बार खिताब बचाने का दबाव था। लेकिन इस जीत ने साफ तौर पर बता दिया कि टीम मानसिक और तकनीकी दोनों ही दृष्टिकोण से तैयार है। गेंदबाजी और बल्लेबाजी में इस संतुलित प्रदर्शन ने टीम के आत्मविश्वास को और बढ़ा दिया। खासकर जब आगे Semifinal और संभावित फाइनल जैसे मुकाबले हैं। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Q1: भारत ने जापान को कितने अंतर से हराया? 8 विकेट से, और 90 गेंदें शेष रहते हुए। Q2: जापान को कितने रन पर आउट किया गया? 57 रन पर, 19.5 ओवर में। Q3: भारत की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज कौन रहीं? स्त्री चरणी, जिन्होंने 4 ओवर में 10 रन देकर 4 विकेट लिए। Q4: बल्लेबाज़ी में सबसे शानदार प्रदर्शन किसका रहा? शाफली वर्मा ने नाबाद 40 रन बनाए और गेंदबाजी में भी 2 विकेट लिए। Q5: भारत का अगला मुकाबला किससे होगा? रविवार को Semifinal में बांग्लादेश के खिलाफ, उसी जगह पर।

क्या एयरलाइन की लापरवाही खेल उपकरणों के लिए बड़ा ख़तरा बन रही है? पथिराजा मामला यह सवाल उठाता है।

एयरलाइन की लापरवाही से टूटे पथिराज के भाले, सवाल

Sri Lanka: श्रीलंका के जेवलिन स्टार रुमेश पथिराजा के पांच “जीतने वाले” जेवलिन के फ्लाइट में टूटने की घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या एथलीटों का कीमती स्पोर्ट्स इक्विपमेंट एयरलाइंस के हाथों में सुरक्षित है? यह कोई अकेली घटना नहीं लगती, बल्कि यह एक बड़े, बार-बार होने वाले पैटर्न की ओर इशारा करती है। टूटे हुए जेवलिन सिर्फ इक्विपमेंट नहीं थे। पथिराजा के लिए, यह नुकसान सिर्फ आम सामान नहीं है। टर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट में जो पांच जेवलिन खराब हुए थे, वे वही थे जिनका इस्तेमाल उन्होंने इस साल 90 से ज़्यादा बार फेंका था जिसमें 92.62 मीटर (रोम) और 92.07 मीटर (ज़्यूरिख) के रिकॉर्ड तोड़ने वाले थ्रो शामिल हैं। इसका मतलब है कि यह सिर्फ इक्विपमेंट नहीं था, बल्कि पूरे सीजन की कड़ी मेहनत और “मसल मेमोरी” से जुड़ा भरोसा भी था। पथिराजा ने खुद सोशल मीडिया पर हर जेवलिन की दूरी पोस्ट करके उन्हें “अलविदा” कहा—85.98, 92.62, 88.50, 89.20, 89.37, 88.20, 89.68, 92.06, 91.06. यह भी पढ़ें:शाह के UCC एलान पर ओवैसी भड़के “समानता नहीं, मुसलमानों को निशाना बनाना है मकसद” एक एथलीट के लिए अपना जेवलिन बदलना इतना आसान क्यों नहीं है? आम लोग सोच सकते हैं कि नया जेवलिन खरीदना इसका हल है, लेकिन टॉप जेवलिन थ्रोअर के लिए यह इतना आसान नहीं है। हर जेवलिन अपने वेट बैलेंस, फ्लेक्स और ग्रिप में थोड़ा अलग होता है, और एथलीट एक ही खास इक्विपमेंट के साथ एडजस्ट करने में महीनों—कभी-कभी सालों—लगा देते हैं। यही वजह है कि पथिराजा के कोच, टोनी प्रसन्ना ने इसे सिर्फ फिजिकल ही नहीं, बल्कि “साइकोलॉजिकल झटका” बताया। सरकार का तुरंत जवाब, लेकिन असली सवाल बना हुआ है। श्रीलंका की स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री ने तुरंत नए जेवलिन देने और एयरलाइन के खिलाफ लीगल एक्शन लेने का वादा किया है—यह एक पॉजिटिव कदम है। लेकिन इससे एक बड़ा सवाल बिना जवाब के रह जाता है: क्या एयरलाइंस के पास नाजुक, महंगे स्पोर्ट्स इक्विपमेंट को संभालने के लिए कोई पक्का प्रोटोकॉल है, या हर बार इसे बस किस्मत पर छोड़ दिया जाता है? टाइमिंग मुश्किल बढ़ाती है यह घटना सबसे बुरे समय पर हुई। एशियन गेम्स 19 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में शुरू हो रहे हैं, और पथिराजा का जेवलिन फाइनल 28 सितंबर को है—मतलब उन्हें तैयारी के आखिरी और सबसे ज़रूरी दिनों में नए इक्विपमेंट के साथ एडजस्ट करना होगा। उनका मुकाबला पाकिस्तान के अरशद नदीम से है, जिनके नाम 92.97 मीटर का एशियन रिकॉर्ड है—मतलब थोड़ी सी भी गलती उन्हें मेडल की दौड़ से बाहर कर सकती है। अभी भी उम्मीद बाकी है इस झटके के बावजूद, पथिराजा का सीजन बहुत अच्छा रहा है—उन्होंने 13 में से 12 कॉम्पिटिशन जीते, कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा को हराया, और डायमंड लीग फाइनल भी जीता। उन्हें 1950 से श्रीलंका का सबसे बड़ा एथलेटिक्स गोल्ड मेडल का दावेदार माना जाता है—मतलब उनका परफॉर्मेंस लेवल इतना ऊंचा है कि नए इक्विपमेंट के साथ भी, वे मेडल की रेस में बने रह सकते हैं। बड़ा सबक क्या है? यह घटना सिर्फ पथिराजा तक ही सीमित नहीं है—यह हर उस एथलीट के लिए एक चेतावनी है जो अपने कीमती इक्विपमेंट के साथ एक टूर्नामेंट से दूसरे टूर्नामेंट तक यात्रा करता है। शायद अब समय आ गया है कि स्पोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन और एयरलाइंस मिलकर महंगे स्पोर्ट्स गियर के लिए एक खास, सुरक्षित हैंडलिंग सिस्टम पर विचार करें—ताकि किसी एथलीट की सालों की मेहनत एक लापरवाही वाली हवाई यात्रा की घटना की वजह से बर्बाद न हो। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल Q1: क्या यह पहली बार है जब किसी एथलीट का स्पोर्ट्स इक्विपमेंट फ्लाइट में टूटा है? यह हाल के सालों का एक और उदाहरण है जो दिखाता है कि एयरलाइन हैंडलिंग के दौरान नाजुक स्पोर्ट्स गियर कितने कमजोर हो सकते हैं। Q2: क्या पथिराजा एशियन गेम्स में हिस्सा ले पाएंगे? हां, श्रीलंका सरकार ने नए जेवलिन देने का भरोसा दिया है, इसलिए हिस्सा लेने में कोई रिस्क नहीं है। Q3: नए जेवलिन के परफॉर्मेंस पर क्या असर हो सकता है? एथलीट अपने खास इक्विपमेंट से बहुत जुड़े होते हैं, इसलिए नए जेवलिन के साथ एडजस्ट करने में समय लग सकता है, जिससे आखिरी समय की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। Q4: पथिराज का मुख्य कॉम्पिटिटर कौन है? पाकिस्तान के अरशद नदीम, जो अभी एशियन रिकॉर्ड होल्डर (92.97 मीटर) हैं। Q5: इस घटना के बाद एयरलाइन की क्या ज़िम्मेदारी हो सकती है? पथिराज ने टर्किश एयरलाइंस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, और श्रीलंका सरकार ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है—आगे क्या होता है, यह देखना बाकी है।