UP Election 2027 : गाजियाबाद विधानसभा सीट: तीन चुनावों के आंकड़े क्या कहते हैं? जानिए पिछले चुनावों का हिसाब

New Delhi: उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद विधानसभा सीट पर पिछले तीन चुनावों में बीजेपी का वोट शेयर लगातार बढ़ा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से 2024 के बीच पार्टी की पकड़ और मजबूत हुई है। उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, इसलिए इन नतीजों पर नजर बनी हुई है। 2024 By Election: बीजेपी की बड़ी जीत अतुल गर्ग के लोकसभा सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी। 20 नवंबर 2024 को वोटिंग हुई और 23 नवंबर को नतीजे आए। बीजेपी के संजीव शर्मा को 96,946 वोट मिले, यानी कुल वोटों का 62.99 प्रतिशत। समाजवादी पार्टी के सिंह राज जाटव 27,595 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे। बसपा के परमानंद गर्ग को 10,736 वोट मिले। संजीव शर्मा 69,351 वोटों के अंतर से जीते। 2022 और 2017: अतुल गर्ग की जीत 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के अतुल गर्ग को 1,50,205 वोट मिले। यह कुल वोटों का 61.37 प्रतिशत था। 2017 में उन्हें 1,24,201 वोट मिले थे, यानी 54.99 प्रतिशत। वोट शेयर का ट्रेंड 2017: 54.99% 2022: 61.37% 2024 उपचुनाव: 62.99% कम वोटिंग: एक अहम पहलू उपचुनाव में कुल 1,53,904 वोट पड़े। 2024 में इस सीट पर करीब 4.61 लाख वोटर दर्ज थे। इस हिसाब से वोटिंग लगभग 33 प्रतिशत रही (यह आंकड़ा हमारी गणना है)। 2022 में अकेले बीजेपी उम्मीदवार को ही 1.5 लाख वोट मिले थे। यानी उपचुनाव में कुल वोटिंग काफी कम रही। छोटी पार्टियों का प्रदर्शन उपचुनाव में AIMIM के रवि कुमार को 6,536 वोट (4.25%) और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सत्यपाल चौधरी को 6,304 वोट (4.10%) मिले। नोटा पर 792 वोट पड़े। 2027 में क्या देखना होगा उपचुनाव आम तौर पर आम चुनाव से अलग माहौल में होते हैं। इसलिए 2027 में टर्नआउट कितना रहता है, विपक्ष कितना एकजुट होता है और उम्मीदवार कौन बनता है, ये बातें नतीजे तय करेंगी।
Ankita Bhandari के पिता का बड़ा ऐलान: दुष्यंत गौतम की नियुक्ति निरस्त नहीं हुई तो देशभर में होगा आंदोलन

New Delhi: उत्तराखंड के चर्चित हत्याकांड के मामले में इंसाफ की गुहार लेकर दिल्ली पहुंचे अंकिता भंडारी के पिता ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सिक्किम के राज्यपाल के पद से दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति निरस्त नहीं हुई तो उत्तराखंड समेत देश में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बेटी के लिए एक बार फिर इंसाफ की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति निरस्त नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन के लिए उन्हें कांग्रेस और सपा समेत कई राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है। ये भी पढ़ें: Viral Fever & Cough: Flu से बचने के लिए अपनाएं ये 7 जरूरी उपाय अंकिता भंडारी के पिता ने कहा कि राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात की और हर तरह के सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि इंसाफ के लिए वे अंतिम क्षणों तक लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति निरस्त न होने पर पूरे देश में आंदोलन करने के मुद्दे पर उन्हें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी समेत तमाम दलों का पूरा समर्थन मिला है। अंकिता भंडारी के माता-पिता ने कहा कि जब तक उन्हें पूरा इंसाफ नहीं मिलता, वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने साफ कहा कि दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द होने तक वे किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेंगे।
Viral Fever & Cough: Flu से बचने के लिए अपनाएं ये 7 जरूरी उपाय

New Delhi: इन दिनों दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में बुखार, गले में दर्द और शरीर दर्द के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, इस सर्ज में इन्फ्लूएंजा A का H3N2 स्ट्रेन प्रमुख रोल निभा रहा है, जबकि H1N1, राइनोवायरस, एडेनोवायरस और COVID-19 जैसे कई वायरस भी साथ-साथ फैल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने, हाथों की सफाई रखने और लक्षण गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है। ये भी पढ़ें:अलास्का की बर्फ में शिफॉन साड़ी: जब माधुरी दीक्षित ठंड से नीली पड़ गईं, अनिल कपूर ने पहनीं 40 जैकेट क्या हैं वायरल Flu के लक्षण? वायरल संक्रमण में आमतौर पर तेज बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, बहती नाक, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, थकान तथा भूख कम लगना दिख सकता है। कुछ मामलों में मतली, उल्टी या दस्त भी हो सकते हैं। अगर बुखार 2-3 दिन से ज्यादा रहे, सांस लेने में दिक्कत हो या बच्चे की हालत अचानक बिगड़े, तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलें। फ्लू से बचने के 7 एहतियात मास्क पहनें: भीड़ वाली जगह, मेट्रो, बस, मॉल और अस्पताल में मास्क पहनें। हाथ धोएं: साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं या अल्कोहल वाला सैनिटाइजर इस्तेमाल करें। चेहरे को हाथ न लगाएं: बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें। खांसते समय मुंह ढकें: खांसते या छींकते समय रुमाल या कोहनी से मुंह-नाक ढकें। बीमार लोगों से दूरी रखें: बुखार या खांसी वाले व्यक्ति के करीब जाने से बचें और खुद बीमार हों तो घर पर रहें। पानी और आराम लें: खूब पानी, तरल आहार, नींद और आराम लें ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे। खुद से एंटीबायोटिक न लें: वायरल बुखार में एंटीबायोटिक काम नहीं करती। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें। कब करें डॉक्टर से संपर्क? अगर तेज बुखार लगातार रहे, सांस फूले, सीने में दर्द हो, बच्चा बहुत कमजोर लगे, खाना-पानी बंद कर दे या लक्षण 2-3 दिन में सुधार न करें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। फ्लू के लक्षण शुरू होने के पहले 48 घंटों में डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा असरदार हो सकता है।
Sheikh Deen Mohammad: पटना से ब्रिटेन तक, जिन्होंने ‘शैंपू’ शब्द को दुनिया से कराया परिचित

New Delhi: आज जो शैंपू हम रोज इस्तेमाल करते हैं, उसकी कहानी भारत से जुड़ी है। बिहार के पटना में जन्मे शेख दीन मोहम्मद ने 19वीं सदी में भारतीय ‘चंपी’ को ब्रिटेन में लोकप्रिय बनाया, जिससे अंग्रेजी शब्द ‘शैंपू’ अस्तित्व में आया। दीन मोहम्मद का जन्म 1759 में पटना में हुआ था। वे बचपन में ही ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना से जुड़ गए थे और करीब 18 साल सैनिक के रूप में काम करने के बाद यूरोप चले गए। ब्रिटेन का पहला भारतीय रेस्टोरेंट 1810 में Sheikh Deen Mohammad ने लंदन में ‘हिंदुस्तान कॉफी हाउस’ खोला, जिसे ब्रिटेन का पहला भारतीय रेस्टोरेंट माना जाता है। यहां अंग्रेजों को पहली बार भारतीय व्यंजन, हुक्का और भारतीय संस्कृति का स्वाद चखने का मौका मिला। इसके साथ ही वे पहले भारतीय लेखक भी बने, जिनकी किताब अंग्रेजी में प्रकाशित हुई। उन्होंने ‘द ट्रेवल्स ऑफ दीन मोहम्मद’ नाम से किताब लिखी, जिसमें उन्होंने भारत और अपने सफर के अनुभव साझा किए। ये भी पढ़ें:अलास्का की बर्फ में शिफॉन साड़ी: जब माधुरी दीक्षित ठंड से नीली पड़ गईं, अनिल कपूर ने पहनीं 40 जैकेट ‘चंपी’ से बना ‘शैंपू’ 1814 में दीन मोहम्मद ने अपनी पत्नी जेन के साथ इंग्लैंड के ब्राइटन में समुद्र किनारे ‘महोमेद्स बाथ्स’ खोला। यहां वे ग्राहकों को भारतीय जड़ी-बूटियों और खुशबूदार तेलों से चंपी, गर्म पानी का स्नान और भाप स्नान की सुविधा देते थे। भारतीय मालिश परंपरा ‘चंपी’ को उन्होंने अंग्रेजी में ‘शैंपूइंग’ कहा। धीरे-धीरे यही शब्द ‘शैंपू’ बन गया, जो आज बालों की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले उत्पाद के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। राजा बने उनके ग्राहक दीन मोहम्मद की मालिश और भाप स्नान की तकनीक ब्रिटेन के अमीर वर्ग में इतनी लोकप्रिय हुई कि राजपरिवार तक उनकी पहुंच बन गई। राजा जॉर्ज चतुर्थ और राजा विलियम चतुर्थ ने उन्हें अपना ‘शैंपूइंग सर्जन’ नियुक्त किया। राजा जॉर्ज चतुर्थ ने अपने लिए निजी भाप स्नान भी बनवाया और दीन मोहम्मद को रॉयल वारंट दिया। इससे उनकी पहचान सिर्फ एक व्यवसायी नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के उद्यमी के रूप में बनी। शैंपू का असली आधुनिक रूप यह ध्यान रखना जरूरी है कि दीन मोहम्मद ने आज जैसा लिक्विड शैंपू नहीं बनाया था। उन्होंने भारतीय चंपी और हर्बल तेलों से मालिश की परंपरा को ब्रिटेन में ‘शैंपूइंग’ के नाम से फैलाया था। आधुनिक लिक्विड शैंपू का विकास बाद में यूरोप में हुआ। फिर भी, ‘शैंपू’ शब्द और इसकी वैचारिक जड़ें भारतीय चंपी परंपरा से जुड़ी हैं, जिसे दुनिया तक पहुंचाने का श्रेय शेख दीन मोहम्मद को दिया जाता है। दीन मोहम्मद का 1851 में ब्राइटन में निधन हुआ। लेकिन उनकी विरासत आज भी हर उस शैंपू की बोतल में जिंदा है, जिसका नाम भारतीय ‘चंपी’ से निकला है।
अलास्का की बर्फ में शिफॉन साड़ी: जब माधुरी दीक्षित ठंड से नीली पड़ गईं, अनिल कपूर ने पहनीं 40 जैकेट

New Delhi: बॉलीवुड के कुछ गाने स्क्रीन पर खूबसूरत लगते हैं, लेकिन उन्हें शूट करना कलाकारों के लिए बेहद मुश्किल होता है। ऐसा ही किस्सा फिल्म ‘पुकार’ के गाने ‘किस्मत से तुम हमको मिले’ से जुड़ा है, जिसमें माधुरी दीक्षित को अलास्का की कड़ाके की ठंड में शिफॉन साड़ी पहनकर शूट करना पड़ा था। कोरियोग्राफर और फिल्ममेकर फराह खान ने हाल ही में इस शूटिंग का किस्सा याद किया। उन्होंने बताया कि माइनस डिग्री तापमान में माधुरी दीक्षित का शरीर ठंड से नीला पड़ गया था, जबकि अनिल कपूर ने खुद को गर्म रखने के लिए करीब 40 जैकेट और बूट्स पहन रखे थे। ये भी पढ़ें: IPL 2027 ऑक्शन से पहले शाई होप की धमाकेदार वापसी! इन 3 टीमों के लिए बन सकते हैं गेम-चेंजर अलास्का के ग्लेशियर पर हुई थी शूटिंग ‘किस्मत से तुम हमको मिले’ गाने को साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म ‘पुकार’ के लिए अलास्का के बर्फीले इलाके में शूट किया गया था। गाने में माधुरी दीक्षित और अनिल कपूर की रोमांटिक केमिस्ट्री दर्शकों को बेहद पसंद आई थी। फराह खान ने बताया कि माधुरी को उस वक्त हल्की शिफॉन साड़ी पहनाई गई थी, जबकि मौसम इतना ठंडा था कि वे ठंड से थरथरा रही थीं। इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग पूरी की और गाना आज भी लोगों के बीच याद किया जाता है। सोनू-अनुराधा की आवाज ने बनाया सदाबहार इस गाने को सोनू निगम और अनुराधा पौडवाल ने गाया था। दोनों गायकों की आवाज और माधुरी-अनिल की स्क्रीन केमिस्ट्री ने इसे 26 साल बाद भी सदाबहार बनाए रखा है। गाने की खूबसूरती के पीछे की मेहनत भी कम नहीं थी। फराह खान के मुताबिक, अनिल कपूर ने कई जैकेट पहनकर खुद को ठंड से बचाया, लेकिन माधुरी को साड़ी में ही पूरा गाना करना पड़ा। माधुरी की प्रोफेशनलिज्म की मिसाल माधुरी दीक्षित ने इस मुश्किल शूट के दौरान भी अपने एक्सप्रेशंस और डांस में कोई कमी नहीं आने दी। फराह खान ने कहा कि ठंड के बावजूद उन्होंने अपना काम पूरी शिद्दत से किया।
IPL 2027 ऑक्शन से पहले शाई होप की धमाकेदार वापसी! इन 3 टीमों के लिए बन सकते हैं गेम-चेंजर

नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके इस फॉर्म के बाद IPL 2027 मिनी-ऑक्शन में उन्हें लेकर कई फ्रेंचाइजी की दिलचस्पी बढ़ सकती है। पिछले ऑक्शन में अनसोल्ड रहने वाले होप इस बार बड़ी बोली के साथ किसी टीम में शामिल हो सकते हैं। शाई होप ने भारत के खिलाफ चौथे टी20 में सिर्फ 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए। इस पारी के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने कहा है कि वे IPL 2027 ऑक्शन में टीमों के लिए बड़ा विकल्प साबित हो सकते हैं। IPL 2027 में लखनऊ सुपर जायंट्स का बड़ा दांव? लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए शाई होप एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने भी LSG को होप की संभावित डेस्टिनेशन बताया है। टीम को टॉप-ऑर्डर में अनुभव और विकेटकीपिंग का विकल्प दोनों मिल सकते हैं। होप टी20 में तेज रन बनाने के साथ-साथ मिडिल-ऑर्डर को स्थिरता भी दे सकते हैं। अगर LSG अपनी विदेशी कंबिनेशन में बदलाव करती है, तो होप उनके लिए बड़ा ऑक्शन टारगेट बन सकते हैं। ये भी पढ़ें:“कोई भी Judiciary को धमका नहीं सकता”: सुप्रीम कोर्ट मार्च पर CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी कोलकाता नाइट राइडर्स कोलकाता नाइट राइडर्स को मौजूदा समय में एक अच्छे कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज की तलाश है। शाई होप विकेटकीपर-बल्लेबाज होने के साथ-साथ वेस्टइंडीज की कप्तानी भी कर रहे हैं, इसलिए वे KKR के लिए टैक्टिकल विकल्प बन सकते हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि KKR के पास टॉप-ऑर्डर और विकेटकीपिंग के विकल्प पहले से मौजूद हैं। ऐसे में होप को लेने का फैसला टीम की रिटेंशन और ऑक्शन स्ट्रैटेजी पर निर्भर करेगा। दिल्ली कैपिटल्स दिल्ली कैपिटल्स ने पहले भी शाई होप पर भरोसा जताया था। वे 2024 में DC का हिस्सा रहे थे और 9 मैचों में 183 रन बनाए थे। अब उनके बेहतर फॉर्म के बाद दिल्ली एक बार फिर उन पर दांव लगा सकती है। अगर होप दिल्ली कैपिटल्स में वापसी करते हैं, तो क्लब को एक अनुभवी विदेशी सलामी बल्लेबाज मिल सकता है। उनकी ओपनिंग क्षमता और विकेटकीपिंग दोनों ही टीम के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। क्या मिलेगी बड़ी बोली? शाई होप के फॉर्म के बावजूद उन्हें बहुत बड़ी रकम मिलने की गारंटी नहीं है। आकाश चोपड़ा का मानना है कि ज्यादातर टीमों के ओपनिंग स्लॉट पहले से तय हैं, इसलिए होप को शायद ही 15 करोड़ जैसी भारी बोली मिले। वहीं, पूर्व इंग्लैंड कप्तान केविन पीटरसन का मानना है कि होप के नाम पर ऑक्शन में कई टेबल से बोली लग सकती है। अगर वे अपना नाम ऑक्शन में दर्ज कराते हैं, तो उनकी भारत दौरे की परफॉर्मेंस उनकी सबसे बड़ी USP बन सकती है।
“कोई भी Judiciary को धमका नहीं सकता”: सुप्रीम कोर्ट मार्च पर CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष के मार्च को लेकर मुख्य Judiciary सूर्यकांत ने गुरुवार को सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “कोई भी न्यायपालिका को डरा-धमका नहीं सकता।” यह टिप्पणी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विरोध मार्च के संदर्भ में आई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालतें “आइवरी टावर” में नहीं बैठी हैं और न्यायपालिका जमीनी हकीकत से अनजान नहीं है। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि प्रदर्शन या राजनीतिक दबाव के जरिए Judiciary को प्रभावित करने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है। क्या है पूरा मामला? 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली के बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। विपक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। सुनवाई के दौरान कुछ वकीलों ने आरोप लगाया कि कोर्ट परिसर की ओर मार्च और प्रदर्शन का उद्देश्य न्यायपालिका पर दबाव बनाना था। इस पर CJI ने कहा कि ऐसे प्रयास “कमजोर” हैं और अदालत इनसे प्रभावित नहीं होती। ये भी पढ़ें:Ankita Bhandari के माता-पिता इंडिया गेट पर हिरासत में लिए गए; मां बोलीं- “भूख हड़ताल पर बैठेंगे” सुप्रीम कोर्ट का एक्शन सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से उनके आचरण और मार्च के इरादे पर स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने इस मामले में राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित अन्य नेताओं को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, कोर्ट परिसर के आसपास प्रदर्शन और जुलूसों को नियंत्रित करने से जुड़ी याचिकाओं पर भी नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट परिसर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश भी दिया है। SIR याचिका पर निर्वाचन आयोग को नोटिस अलग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी और अन्य INDIA गठबंधन नेताओं की याचिकाओं पर चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं ने SIR से जुड़े फैसलों पर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को चुनौती दी है।
Ankita Bhandari के माता-पिता इंडिया गेट पर हिरासत में लिए गए; मां बोलीं- “भूख हड़ताल पर बैठेंगे”

New Delhi: उत्तराखंड हत्याकांड पीड़िता अंकिता भंडारी के माता–पिता को दिल्ली के इंडिया गेट के पास चल रहे धरने के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। गुरुवार तड़के करीब 4 बजे हुई कार्रवाई के बाद उन्हें करीब 5 बजे रिहा कर दिया गया। अंकिता के माता–पिता पूर्व उत्तराखंड भाजपा प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम राज्यपाल नियुक्ति के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। परिवार की मांग है कि जब तक अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी कनेक्शन की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनकी नियुक्ति रोक दी जाए। हिरासत के दौरान अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा कि वे न्याय की मांग के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “अगर हमें यहां बैठने की इजाजत नहीं दी जाएगी, तो हम अपने ही घर में भूख हड़ताल पर बैठेंगे।” अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने केंद्र सरकार को दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेताया कि अगर मांग पूरी नहीं हुई, तो पूरे देश में लोग सड़कों पर उतरेंगे। ये भी पढ़ें:Zelenskyy ने US की Starlink restriction पर कहा ‘betrayed’, रूस के missile-drone हमले में 6 लाख लोग बिजलीहीन, Nord Stream sabotage trial शुरू View this post on Instagram राहुल–प्रियंका ने किया समर्थन धरना बुधवार शाम इंडिया गेट के पास शुरू हुआ था। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा ने धरने पर पहुंचकर अंकिता के माता–पिता से मुलाकात की और उनकी मांग का समर्थन किया। दिल्ली पुलिस ने रातभर चले प्रदर्शन के बाद अंकिता के माता–पिता के अलावा कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की और आरोप लगाया कि न्याय मांग रहे प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। क्या है Ankita Bhandari केस? अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या के बाद पूरे देश में गुस्सा भड़का था। प्रभावशाली लोगों से जुड़े आरोपों के चलते यह मामला अब भी चर्चा में है और परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। अंकिता के परिवार ने साफ कहा है कि जब तक उन्हें पूरा न्याय नहीं मिलता, वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे | FAQs अंकिता भंडारी के माता–पिता को क्यों हिरासत में लिया गया? वे सिक्किम राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में इंडिया गेट पर धरना दे रहे थे। रातभर के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। अंकिता भंडारी के माता–पिता कब रिहा हुए? उन्हें गुरुवार तड़के करीब 4 बजे हिरासत में लिया गया था और करीब 5 बजे रिहा कर दिया गया। अंकिता भंडारी के परिवार की मुख्य मांग क्या है? परिवार चाहता है कि अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी कनेक्शन की सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम राज्यपाल नियुक्ति रोक दी जाए। अंकिता भंडारी की मां ने क्या कहा? उन्होंने कहा कि अगर इंडिया गेट पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली, तो वे घर पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
Zelenskyy ने US की Starlink restriction पर कहा ‘betrayed’, रूस के missile-drone हमले में 6 लाख लोग बिजलीहीन, Nord Stream sabotage trial शुरू

New DelhiL यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने बुधवार को कहा कि उन्हें US President Donald Trump की ओर से लगातार Starlink satellite internet की military access पर लगाई जा रही restrictions को लेकर “धोखा” महसूस हो रहा है. इसी दौरान रूस के बड़े missile और drone हमले में यूक्रेन में लगभग 6 लाख लोग बिजलीहीन हो गए, जबकि Nord Stream pipeline sabotage मामले में एक पूर्व यूक्रेनी सैन्य अधिकारी का Germany में मुकदमा शुरू हो गया.apnews+2 Zelenskyy का ‘betrayed’ आरोप Zelenskyy ने एक interview में कहा कि Starlink के military version पर लगाई गई restrictions से उन्हें व्यक्तिगत रूप से धोखा महसूस हुआ है. उन्होंने चेताया कि इस कदम से यूक्रेन के युद्धक्षेत्र में “बहुत अधिक मानवीय नुकसान” हो सकता है.cnbc+2 SpaceX के संस्थापक Elon Musk ने जिम्मेदारी से इनकार करते हुए कहा कि Starlink की सभी speeds को US government और military द्वारा नियंत्रित किया जाता है.cnbc+1 Zelenskyy के technology adviser Sergiy Beskrestnov ने बताया कि रात के दौरान moving Starlink terminals पर speed limit लगाई गई, जिससे कई battlefield missions में बाधा आई. उन्होंने कहा कि यूक्रेन की रक्षा बलों को इस restriction के बारे में पहले से कोई warning नहीं दी गई ये भी पढ़ें:UP Election 2027: अखिलेश यादव की कार्यकर्ताओं को नसीहत, अनुशासन में रहें और बूथों पर ढिलाई न बरतें रूस का ‘massive’ हमला, 6 लाख बिजलीहीन रूस ने बुधवार तड़के यूक्रेन पर 39 ballistic missiles और 120 से अधिक drones के साथ एक बड़ा हमला बोला, जिसमें मुख्य रूप से Kyiv और आसपास के क्षेत्र निशाना बनाए गए.abcnews+1 Zelenskyy ने बताया कि इस हमले में कम से कम 26 power facilities और 4 gas-oil sector के infrastructure को गंभीर नुकसान हुआ. उन्होंने चेताया कि बिजली कटौती आगे और बढ़ सकती है. रूस के Defense Ministry ने दावा किया कि उन्होंने Kyiv और Kharkiv में communication और energy infrastructure को निशाना बनाकर “massive strike” किया. Trump के ‘energy ceasefire’ के बाद हमला इस हमले के कुछ घंटे पहले ही US President Donald Trump ने दावा किया था कि रूस और यूक्रेन के बीच “energy ceasefire” लागू हो चुका है. लेकिन Zelenskyy ने आरोप लगाया कि रूस ने इस घोषणा के तुरंत बाद ही energy targets पर हमला किया.france24+2 Zelenskyy के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिकियों ने रूसी ballistic launches के बारे में दो बार warning नहीं दी, जिससे यूक्रेन की energy sector को बचाने की क्षमता प्रभावित हुई. Nord Stream sabotage trial शुरू इसी बीच, Germany के Hamburg Higher Regional Court में 2022 के Nord Stream pipeline bombings मामले में पूर्व यूक्रेनी सैन्य अधिकारी Sergiy Kuznietsov का मुकदमा शुरू हो गया. यह इस मामले में पहला व्यक्ति है जिस पर मुकदमा चल रहा है.apnews+2 50 वर्षीय Kuznietsov पर आरोप है कि उन्होंने divers, explosives expert और boat captain की एक टीम का नेतृत्व किया, जिन्होंने Nord Stream pipelines पर explosives लगाए.ansa+2 Prosecutors ने उन पर explosion causing, property damage, public service disruption और civilian infrastructure पर हमला (war crime) जैसे आरोप लगाए हैं.apnews+1 Kuznietsov के lawyer ने दलील दी कि रूस ने Nord Stream pipelines को political और economic pressure के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया.afp+1 Trial की अवधि अगले साल February 2027 तक चलने की उम्मीद है. FAQs Zelenskyy ने Starlink restriction पर क्या कहा? Zelenskyy ने कहा कि US की Starlink military access restriction से उन्हें “betrayed” महसूस हुआ और इससे यूक्रेन के युद्धक्षेत्र में बड़ा मानवीय नुकसान हो सकता है.cnbc+1 रूस के हमले में कितने लोग बिजलीहीन हुए? रूस के missile और drone हमलों में यूक्रेन में लगभग 6 लाख लोग बिजलीहीन हो गए, जिसमें 26 power facilities को नुकसान हुआ.abcnews+1 Nord Stream sabotage trial किसका है? Germany के Hamburg court में पूर्व यूक्रेनी सैन्य अधिकारी Sergiy Kuznietsov का मुकदमा चल रहा है, जिन पर 2022 के Nord Stream pipeline bombings का आरोप है.apnews+2 Trump का ‘energy ceasefire’ क्या था? Trump ने दावा किया था कि रूस और यूक्रेन के बीच energy infrastructure पर हमले रोकने का समझौता हुआ है, लेकिन रूस ने इसके तुरंत बाद ही हमला किया.
UP Election 2027: अखिलेश यादव की कार्यकर्ताओं को नसीहत, अनुशासन में रहें और बूथों पर ढिलाई न बरतें

New Delhi: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एक खास संदेश दिया है। विस्तार न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पार्टी के सभी शुभचिंतकों से अनुशासन में रहने और संगठन को मजबूत करने में पूरी ताकत लगाने को कहा है। अखिलेश यादव ने क्या कहा रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश ने कहा कि चुनाव में अब काफी कम समय बचा है और सभी को गंभीरता से जुटना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे ऐसा कोई काम न करें जिससे पार्टी की छवि धूमिल हो या शिकायत का मौका मिले। उनका लक्ष्य 2027 में सरकार बनाना है और इसके लिए अभी से मेहनत करनी होगी। वोट के अधिकार की रक्षा पर ज़ोर रिपोर्ट के मुताबिक, अखिलेश ने कहा कि वोट के अधिकार की रक्षा के लिए 2027 में सपा की सरकार ज़रूरी है और अगला विधानसभा चुनाव इसी अधिकार को बचाने के लिए होगा। इससे पहले भी वे मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा चुके हैं और दावा कर चुके हैं कि सपा के वोटरों के नाम सूची से हटाए गए। इन आरोपों पर चुनाव आयोग के सूत्र पहले सफाई दे चुके हैं। जीत के लिए अखिलेश के संदेश के मुख्य बिंदु अनुशासन: सभी समर्थक पार्टी के अनुशासन में रहें छवि का ध्यान: ऐसा कोई व्यवहार न करें जिससे पार्टी को नुकसान हो बूथ पर सतर्कता: बूथ-बूथ तक सक्रिय रहें और ढिलाई न बरतें संगठन मजबूत करना: पूरी ताकत चुनावी तैयारी और संगठन पर लगाएं एकजुटता: पार्टी जिसे भी प्रत्याशी बनाए, सब मिलकर उसकी जीत के लिए काम करें पहले भी दे चुके हैं ऐसी सलाह यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को ऐसी हिदायत दी हो। टीवी9 यूपी की पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बूथ से विधानसभा स्तर तक अभियान शुरू करने का ऐलान करते हुए कार्यकर्ताओं को सकारात्मकता के साथ जनता के बीच जाने की सलाह दी थी। इनसाइडर लाइव की एक अन्य रिपोर्ट में चुनाव से पहले सपा नेताओं को अपनी बयानबाज़ी में संयम बरतने की नसीहत का भी ज़िक्र है। पिछले चुनाव का आंकड़ा विकिपीडिया के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 255 सीटें और 41.29% वोट मिले थे, जबकि सपा को 111 सीटें और 32.06% वोट। यूपी में अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में होने की उम्मीद है, लेकिन चुनाव आयोग ने अभी तारीखों की घोषणा नहीं की है। आगे क्या चुनाव की तारीखें घोषित होने तक सभी दलों की संगठनात्मक तैयारी तेज़ रहने की उम्मीद है। सपा के अभियान और अन्य दलों की प्रतिक्रिया आने पर खबर अपडेट की जाएगी।
