मामला क्या है
यह मामला एक Hindu-Muslim जोड़े से जुड़ा है, जिसमें दोनों महिलाएं साथ live-in relationship में रह रही थीं। उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि दोनों महिलाओं को उनके परिवार वालों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं, इसलिए उन्हें तत्काल Police Protection की ज़रूरत थी।
Justice गौतम चौधरी का फैसला
14 सितंबर को सुनाए गए इस फैसले में Justice Gautam Chowdhary ने दोनों महिलाओं से सीधे बातचीत की और पाया कि दोनों Adults हैं तथा बिना किसी दबाव, डर या अनुचित प्रभाव के स्वेच्छा से साथ रहने का फैसला किया है। कोर्ट ने कहा कि यह जोड़ा अपने Family Members या किसी अन्य व्यक्ति के हस्तक्षेप के बिना शांतिपूर्वक साथ रहने के लिए स्वतंत्र है।
पुलिस को क्या निर्देश दिया गया
कोर्ट ने साफ आदेश दिया कि अगर इस Live-in Relationship में कोई बाधा उत्पन्न होती है, तो पुलिस को यह Verify करने के बाद कि दोनों महिलाएं Adults हैं और स्वेच्छा से साथ रह रही हैं तुरंत उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी होगी।
राज्य सरकार की आपत्ति
राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि Same-Sex Relationships “समाज के प्राकृतिक और पारंपरिक ढांचे को प्रभावित करते हैं” और इन्हें स्वीकार्य नहीं माना जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए Supreme Court द्वारा तय किए गए कानून का हवाला दिया।
कोर्ट ने Constitution के आधार पर क्या कहा
कोर्ट ने कहा कि दो Adult Citizens का अपनी मर्ज़ी से साथ रहने का फैसला एक Fundamental Right है, और Family Members, रिश्तेदारों या समाज के किसी भी वर्ग को उनकी शारीरिक स्वतंत्रता में बाधा डालने या उसका उल्लंघन करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि दोनों Petitioners Adult, Educated और अपनी भलाई समझने में पूरी तरह सक्षम हैं, इसलिए उनकी Police Protection की मांग को अस्वीकार करने का कोई आधार नहीं बनता। गौरतलब है कि यह फैसला Hindi में सुनाया गया।
Uttar Pradesh में यह पहला मामला नहीं
Allahabad High Court पहले भी इसी तरह के कई मामलों में Same-Sex Couples के अधिकारों को बरकरार रख चुका है जैसे 2020 में सुल्ताना मिर्ज़ा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और 2021 में पूनम रानी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले। ध्यान देने वाली बात यह है कि Uttar Pradesh में Same-Sex Marriage या Civil Union को कानूनी मान्यता नहीं है, लेकिन Live-in Relationship गैरकानूनी नहीं है और Supreme Court पहले ही तय कर चुका है कि Adults को बिना शादी के साथ रहने का Constitutional Right है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: Prayagraj High Court ने क्या आदेश दिया?
UP Police को एक Hindu-Muslim Same-Sex Couple की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जो Family से धमकियों का सामना कर रहा था।
Q2: यह फैसला किसने सुनाया?
Justice Gautam Chowdhary ने, 14 सितंबर 2026 को।
Q3: पुलिस को किस शर्त के साथ सुरक्षा देने को कहा गया?
यह Verify करने के बाद कि दोनों महिलाएं Adults हैं और स्वेच्छा से साथ रह रही हैं।
Q4: राज्य सरकार ने कोर्ट में क्या तर्क दिया था?
कि Same-Sex Relationships समाज के पारंपरिक ढांचे को प्रभावित करते हैं और स्वीकार्य नहीं हैं जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
Q5: क्या Uttar Pradesh में Live-in Relationship कानूनी है?
हां, Live-in Relationship गैरकानूनी नहीं है, हालांकि Same-Sex Marriage या Civil Union को अभी कानूनी मान्यता नहीं मिली है।










