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13 करोड़ नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से छूटे, अब चुनाव आयोग ने शुरू की ‘लेफ्ट आउट’ वोटर ड्राइव

नई दिल्ली: देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम छूट जाने के बाद चुनाव आयोग ने EC वोटर ड्राइव की शुरुआत की है, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची में जोड़ा जा सके। किन राज्यों में

EC वोटर ड्राइव

नई दिल्ली: देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम छूट जाने के बाद चुनाव आयोग ने EC वोटर ड्राइव की शुरुआत की है, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची में जोड़ा जा सके।

किन राज्यों में कितने नाम छूटे

एक रिपोर्ट के मुताबिक 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रकाशित ड्राफ्ट रोल्स में से कुल करीब 13 करोड़ नाम छूटे हैं। बिहार में 1 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट रोल में करीब 65 लाख नाम छूटे थे, जिसमें कुल 7.24 करोड़ मतदाता सूचीबद्ध हुए थे। उत्तर प्रदेश में करीब 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हो सके, जिससे राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 12.55 करोड़ मतदाताओं तक पहुंची। दिल्ली में 47.56 लाख नाम छूटे, जिससे ड्राफ्ट रोल 1.45 करोड़ से घटकर 97.53 लाख मतदाताओं तक रह गया।

मुख्य चुनाव आयुक्त का निर्देश

एक रिपोर्ट के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को यह विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। यह निर्देश लिखित पत्र और राज्यों के CEO के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस, दोनों के ज़रिए दिया गया।

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अभियान में क्या किया जाएगा

चुनाव आयोग के पत्र के मुताबिक, “आयोग ने छूटे हुए और पहली बार/युवा मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।” अधिकारियों को उन लोगों की सूची तैयार करने को कहा गया है जिनके नाम हटाए गए हैं, और ऐसे मतदाताओं की पहचान करने को कहा गया है जो छूट गए हों। ऐसे मतदाताओं को Form 6 भरने में मदद की जाएगी ताकि उनका नाम दोबारा जोड़ा जा सके।

आयोग का रुख

चुनाव आयोग का कहना है कि ड्राफ्ट रोल में किसी नाम का न होना और उस नाम का डिलीट होना, दोनों अलग बातें हैं। आयोग के मुताबिक मतदाता पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है और जिस भी व्यक्ति का नाम अभी तक सूची में नहीं है या जिसका नाम हट गया है, वह किसी भी समय पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है।

क्यों अहम है यह मामला

एक रिपोर्ट के अनुसार वोटर लिस्ट से नाम छूटने का असर राशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से विपक्षी दल लगातार छूटे हुए नामों को वापस जोड़ने की मांग कर रहे हैं।

FAQs

Q1. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कुल कितने नाम छूटे हैं?
30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल करीब 13 करोड़ नाम छूटे हैं।

Q2. उत्तर प्रदेश में कितने नाम छूटे?
उत्तर प्रदेश में करीब 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हो सके।

Q3. EC वोटर ड्राइव किस लिए शुरू की गई है?
यह ड्राइव छूटे हुए और पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाताओं को दोबारा वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए शुरू की गई है।

Q4. छूटे मतदाता दोबारा नाम कैसे जुड़वा सकते हैं?
उन्हें Form 6 भरकर आवेदन करना होगा, जिसमें अधिकारी मदद करेंगे।

Q5. यह अभियान किन राज्यों में चलेगा?
यह अभियान 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलेगा, जहां SIR प्रक्रिया हो चुकी है।

Q6. चुनाव आयोग का इस पर क्या कहना है?
आयोग का कहना है कि ड्राफ्ट रोल में नाम न होना डिलीशन नहीं है, और पात्र मतदाता कभी भी पंजीकरण के लिए आवेदन

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