New Delhi: दिल्ली में DTC बस चालकों की हड़ताल शुक्रवार को अपने चौथे दिन में प्रवेश कर गई, जिससे शहर में सार्वजनिक परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है खासकर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए अपने नेटवर्क पर 20 अतिरिक्त ट्रिप्स जोड़ी हैं।
हड़ताल की वजह क्या है
यह हड़ताल मुख्य रूप से नई इलेक्ट्रिक बसों के चालकों द्वारा शुरू की गई है, जो दैनिक मज़दूरी में बढ़ोतरी, मेडिकल सुविधाएं और ओवरटाइम भुगतान की मांग कर रहे हैं। मौजूदा समय में इन चालकों और कंडक्टरों को दिल्ली सरकार द्वारा तय न्यूनतम मज़दूरी के तहत सिर्फ ₹862 प्रतिदिन दिया जा रहा है यह दर आमतौर पर दैनिक-वेतन मज़दूरों, फैक्ट्री कर्मचारियों और छोटी कंपनियों के कर्मचारियों पर लागू होती है, जिसे बस चालक अपने काम की प्रकृति और ज़िम्मेदारी के हिसाब से अपर्याप्त बता रहे हैं।
रोज़ाना 60 लाख यात्रियों पर असर
DTC की बसें दिल्ली में रोज़ाना करीब 60 लाख यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाती हैं इसलिए जब बसें डिपो में ही खड़ी रह गईं, तो शहर का पूरा यातायात तंत्र हिल गया। सोशल मीडिया पर कई यात्रियों ने लंबी कतारों और सामान्य से कहीं ज़्यादा भीड़भाड़ की शिकायत की, कुछ ने तो हड़ताल के चलते बने ट्रैफिक जाम की तस्वीरें और वीडियो भी साझा कीं।
एयरपोर्ट यात्रियों के लिए खास मुश्किल
बस सेवाओं में आई इस भारी कमी का सबसे ज़्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ा है जिन्हें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचना है। बसों की कमी के चलते एयरपोर्ट रूट पर निर्भर रहने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों — मेट्रो, कैब या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे इन विकल्पों पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
मेट्रो ने संभाला मोर्चा
स्थिति को संभालने के लिए DMRC ने अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाया है। बुधवार, 16 सितंबर को आठ अतिरिक्त ट्रेनें चलाई गईं, और यही बढ़ी हुई व्यवस्था गुरुवार को भी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक जारी रही। कुल मिलाकर, नेटवर्क भर में 20 अतिरिक्त ट्रिप्स जोड़ी गई हैं ताकि पीक ऑवर्स के दौरान यात्रियों की बढ़ी हुई संख्या को संभाला जा सके।
सबसे ज़्यादा भीड़ कहां रहेगी
DMRC के मुताबिक, सबसे ज़्यादा दबाव राजीव चौक, कश्मीरी गेट, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और हौज़ खास जैसे इंटरचेंज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है, क्योंकि यही स्टेशन शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच यात्रियों को जोड़ने का काम करते हैं। हौज़ खास खासतौर पर येलो और मैजेंटा लाइन को जोड़ता है, जहां गुड़गांव से नोएडा जाने वाले यात्रियों का भारी दबाव रहता है।
यात्रियों के लिए सलाह
DMRC ने यात्रियों को दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप के ज़रिए लाइव एडवाइज़री चेक करने, अपनी यात्रा 20-30 मिनट पहले शुरू करने, और जहां संभव हो वैकल्पिक इंटरचेंज रूट्स (जैसे राजौरी गार्डन, जनकपुरी वेस्ट, आज़ादपुर या मंडी हाउस) का इस्तेमाल करने की सलाह दी है, ताकि केंद्रीय स्टेशनों पर भीड़ का दबाव कुछ कम किया जा सके। प्लेटफॉर्म मार्शल भी बोर्डिंग को नियंत्रित करने के लिए तैनात किए गए हैं, और ज़रूरत पड़ने पर संक्षिप्त स्टेशन होल्ड भी लगाए जा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: DTC बस चालक हड़ताल पर क्यों हैं?
दैनिक मज़दूरी बढ़ाने, मेडिकल सुविधाओं और ओवरटाइम भुगतान की मांग को लेकर।
Q2: हड़ताल से कितने यात्री प्रभावित हो रहे हैं?
DTC बसें रोज़ाना करीब 60 लाख यात्रियों को सेवा देती हैं, जो अब बुरी तरह प्रभावित हैं।
Q3: मेट्रो ने कितनी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई हैं?
नेटवर्क भर में 20 अतिरिक्त ट्रिप्स, जो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चल रही हैं।
Q4: सबसे ज़्यादा भीड़ किन स्टेशनों पर रहेगी?
राजीव चौक, कश्मीरी गेट, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और हौज़ खास जैसे प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर।
Q5: एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को क्या करना चाहिए?
मेट्रो या कैब जैसे वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करें, और अतिरिक्त समय लेकर यात्रा की योजना बनाएं।










