New Delhi: असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को शुक्रवार को पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के दौरान हिरासत में ले लिया गया। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।
क्या हुआ Gaurav Gogoi के साथ
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी मुख्यालय राजीव भवन से एक मार्च निकाला था, जिसका मकसद मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय तक पहुंचना और वहां CEC का पुतला फूंकना था। पुलिस ने राजीव भवन के पास बैरिकेड लगा रखे थे। जब गोगोई समेत प्रदर्शनकारी नेताओं ने इन बैरिकेड को पार करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
यह प्रदर्शन क्यों हो रहा है
रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रदर्शन एक हालिया investigative मीडिया रिपोर्ट के बाद आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), वोटर डेटा और नए वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर आंतरिक कामकाज और असहमति की बात सामने आई थी। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही है और CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करती रही है।
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- गुवाहाटी में शुक्रवार को CEC हटाओ मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन हुआ
- गौरव गोगोई के साथ AICC सचिव मनोज चौहान, सेवा दल अध्यक्ष दीप बायन और APCC महासचिव को भी हिरासत में लिया गया
- प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर CEC का पुतला फूंकने वाले थे
- बैरिकेड पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लिया
- यह असम में कांग्रेस के व्यापक राजनीतिक अभियान का हिस्सा है
आधिकारिक बयान
कांग्रेस प्रवक्ता बेदब्रत बोरा ने आरोप लगाया कि नेताओं को “जबरन गिरफ्तार” किया गया और कहा, “यह लोकतंत्र के लिए एक और खतरा है।”
चुनाव आयोग की ओर से प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाए गए विशिष्ट आरोपों पर अभी तक कोई तत्काल आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि आयोग पहले यह स्पष्ट कर चुका है कि उसकी कार्यवाहियां स्थापित कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत संचालित होती हैं।
Background
कांग्रेस चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से सवाल उठाती रही है, खासकर SIR प्रक्रिया और वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर। हाल ही में असम कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर गौरव गोगोई ने पार्टी को 2026 असम विधानसभा चुनाव में नेतृत्व दिया था, जिसमें कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही और सीटें गंवा बैठी। गोगोई खुद जोरहाट विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे।
आगे क्या होगा
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हिरासत में लिए गए नेताओं पर कोई औपचारिक कानूनी कार्रवाई होगी या नहीं। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी का चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।










