New Delhi: IIT बॉम्बे के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की मौत के मामले में संस्थान ने अपने पुराने बयान को लेकर माफी मांगी है। IIT बॉम्बे ने कहा कि घटना की जांच अभी जारी है, ऐसे में साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों को लेकर किसी तरह की राय बनाना या जानकारी साझा करना उचित नहीं था।
क्या हुआ था
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 22 वर्षीय साहिल रवींद्र वाकोडे शुक्रवार शाम अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे। बताया जा रहा है कि यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
IIT बॉम्बे ने क्या कहा
संस्थान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने 21 सितंबर के पोस्ट को दोबारा साझा करते हुए कहा, “साहिल की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से जुड़ी परिस्थितियों के संबंध में हमारे पहले के संवाद में शामिल बयानों के लिए हम माफी मांगते हैं।” IIT बॉम्बे ने स्पष्ट किया कि साहिल की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं, और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक, संस्थान के शुरुआती बयान में यह आरोप लगाया गया था कि वाकोडे ने परीक्षा हल करने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल किया, हालांकि उस समय यह भी बताया गया था कि उनके खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।
निदेशक के इस्तीफे की खबर को बताया गलत
इस बीच, संस्थान ने मीडिया में चल रही उन खबरों को भी खारिज किया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि IIT बॉम्बे के निदेशक प्रो. शिरीष केडार इस्तीफा देंगे। संस्थान ने एक अलग पोस्ट में स्पष्ट किया, “IIT बॉम्बे के निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया है। हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि संबंधित खबर गलत है।”
परिवार के आरोप
साहिल के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें यह कदम उठाने से पहले संस्थागत उत्पीड़न और जाति-आधारित भेदभाव का सामना करना पड़ा था। इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और यह मामला अभी जांच के दायरे में है।
महत्वपूर्ण बातें
- साहिल रवींद्र वाकोडे, 22 वर्षीय BTech द्वितीय वर्ष के छात्र, शुक्रवार शाम हॉस्टल में मृत पाए गए
- घटना परीक्षा में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई
- IIT बॉम्बे ने 21 सितंबर के अपने पुराने बयान के लिए माफी मांगी
- संस्थान ने निदेशक के इस्तीफे की खबरों को भी गलत बताया
- परिवार ने संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं, जिनकी पुष्टि अभी नहीं हुई
- मामले की आधिकारिक जांच जारी है
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना
रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध कर रहे छात्रों ने दावा किया है कि साहिल पर भारी मानसिक दबाव था और उन्हें शैक्षणिक निलंबन की धमकियों का भी सामना करना पड़ा था। इन दावों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
फिलहाल घटना की आधिकारिक जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही परिस्थितियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। इस बीच परिसर में तनाव और विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
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