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Doctor से Rockstar तक: ‘धूम पिचक धूम’ फेम Palash Sen की अनोखी कहानी

New Delhi: 90 के दशक में जब बॉलीवुड का दबदबा था, तब Palash Sen ने इंडियन पॉप-रॉक को एक बिल्कुल नई पहचान दी। दिन में मरीज़ों का इलाज करने वाले पलाश शाम को स्टेज पर रॉकस्टार बनकर हज़ारों लोगों का मनोरंजन करते थे। वह बैंड ‘यूफोरिया’ के फाउंडर और लीड

Palash Sen: डॉक्टर से 'यूफोरिया' रॉकस्टार बनने की कहानी

New Delhi: 90 के दशक में जब बॉलीवुड का दबदबा था, तब Palash Sen ने इंडियन पॉप-रॉक को एक बिल्कुल नई पहचान दी। दिन में मरीज़ों का इलाज करने वाले पलाश शाम को स्टेज पर रॉकस्टार बनकर हज़ारों लोगों का मनोरंजन करते थे। वह बैंड ‘यूफोरिया’ के फाउंडर और लीड सिंगर हैं, और उनकी कहानी असल में एक Doctor के रॉकस्टार बनने की मिसाल है।

‘धूम पिचक धूम’ ने बनाया घर-घर का नाम

‘धूम पिचक धूम’, ‘माई री’, ‘महफूज’ और ‘कभी आएगा तू’ जैसे गानों ने Palash Sen को युवाओं के बीच खास पहचान दिलाई। सिंगर और कंपोज़र के साथ-साथ वह Doctor, एक्टर और डायरेक्टर के तौर पर भी काम कर चुके हैं यानी उनकी पहचान सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं रही।

Doctor परिवार से निकला रॉकस्टार

23 सितंबर 1965 को लखनऊ में जन्मे पलाश का परिवार मूल रूप से वाराणसी से जुड़ा है, और उनके परिवार में कई लोग Doctor रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की और ऑर्थोपेडिक्स में एमएस किया यानी संगीत से पहले चिकित्सा ही उनकी पहचान थी, और आज भी है।

कॉलेज से शुरू हुआ संगीत का सफर

कॉलेज के दिनों से ही पलाश को संगीत का शौक था। 1988 में उन्होंने दोस्तों के साथ मिलकर ‘यूफोरिया’ बैंड बनाया। करीब एक दशक तक छोटे-बड़े कार्यक्रमों में परफॉर्म करने के बाद 1998 में ‘धूम पिचक धूम’ ने उन्हें रातोंरात घर-घर पहुंचा दिया। इसी नाम से यूफोरिया का पहला एल्बम भी रिलीज़ हुआ, जो बेहद लोकप्रिय साबित हुआ और भारतीय पॉप-रॉक सीन में एक नई लहर लेकर आया।

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करियर का सुनहरा दौर और आगे का सफर

1998 से 2005 के बीच यूफोरिया की लोकप्रियता अपने चरम पर रही। इसके बाद पलाश ने फिल्मों में भी अभिनय किया और कई प्रोजेक्ट्स में नज़र आए। 2017 में उन्होंने शॉर्ट फिल्म ‘जिया जले’ का निर्देशन भी किया जो दिखाता है कि रचनात्मकता के मामले में उन्होंने खुद को कभी एक ही दायरे में सीमित नहीं रखा।

आज भी सक्रिय हैं दोनों भूमिकाओं में

Palash Sen आज भी डॉक्टर के तौर पर काम करते हैं और समय-समय पर स्टेज पर परफॉर्म करते नज़र आते हैं। संगीत की दुनिया में उनकी पहचान आज भी उस कलाकार के रूप में कायम है, जिसने हिंदी रॉक म्यूज़िक को नई आवाज़ और अलग पहचान दी एक ऐसी विरासत, जो आज भी कई युवा संगीतकारों को प्रेरित करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: Palash Sen कौन हैं?
बैंड ‘यूफोरिया’ के फाउंडर, लीड सिंगर, एक ट्रेंड ऑर्थोपेडिक डॉक्टर, और अभिनेता-निर्देशक भी।

Q2: Palash Sen का जन्म कब और कहां हुआ?
23 सितंबर 1965 को लखनऊ में, हालांकि उनका परिवार मूल रूप से वाराणसी से जुड़ा है।

Q3: ‘यूफोरिया’ बैंड की शुरुआत कब हुई?
1988 में, जब पलाश ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इसे बनाया।

Q4: Palash Sen के मशहूर गाने कौन से हैं?
‘धूम पिचक धूम’, ‘माई री’, ‘महफूज’ और ‘कभी आएगा तू’।

Q5: क्या Palash Senआज भी डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस करते हैं?
हां, वह आज भी डॉक्टर के तौर पर काम करते हैं, साथ ही स्टेज पर परफॉर्म भी करते रहते हैं।

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