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स्वस्थ भारत Developed भारत: Health Conclave में बोले केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya

New Delhi: केंद्रीय श्रम, युवा मामले एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने एक दिन तक चले हेल्थ कॉनक्लेव में कहा कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य के लिए एक स्वस्थ आबादी होना बेहद जरूरी है। उनके इस बयान ने देश में रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल के

स्वस्थ भारत Developed भारत: Mansukh Mandaviya का बड़ा बयान

New Delhi: केंद्रीय श्रम, युवा मामले एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने एक दिन तक चले हेल्थ कॉनक्लेव में कहा कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य के लिए एक स्वस्थ आबादी होना बेहद जरूरी है। उनके इस बयान ने देश में रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल के बारे में बहस को नई दिशा दी है।

कार्यक्रम की थीम क्या रही

इस कॉनक्लेव की थीम “कॉनवर्सेशन्स फॉर ए हेल्दी टूमोरो: प्रिवेंशन इज बेटर थन क्यूर” रही। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से नीति बनाने वाले, स्वास्थ्य के विशेषज्ञ, अस्पताल प्रबंधक, डॉक्टर और अलग-अलग क्षेत्रों के मुख्य लोग एक मंच पर आए। पूरे दिन रोकथामी स्वास्थ्य, सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति, सामान्य लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बदलते चिकित्सा दुनिया के हालात पर गहरी चर्चा हुई।

कोविड का अनुभव एक मॉडल के रूप में

Mandaviya ने अपने भाषण में भारत के कोविड-19 प्रबंधन का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान भारत ने जैसे टीकाकरण अभियान चलाया और स्वास्थ्य संकट को संभाला, उसकी सराहना बिल गेट्स जैसे वैश्विक लोगों ने की थी। मांडविया के मुताबिक, यह अनुभव इस बात का सबूत है कि भारत अपनी ताकत, संस्कृति और परंपराओं पर आधारित मॉडल से स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ा सकता है।

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रोकथामी स्वास्थ्य पर जोर क्यों दिया जा रहा है

भारत जैसे बड़े देश में रोकथाम पर ज्यादा ध्यान देना आर्थिक और व्यावहारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर बीमारियां शुरुआत में ही रोक ली जाएं, तो इलाज की लागत और लंबे समय में स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव दोनों कम हो जाता है। इसी वजह से अब “रोकथाम बेहतर है इलाज से” जैसी थीम पर ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

नकली दवाओं और उनकी गुणवत्ता पर बात

कार्यक्रम में दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने नकली दवाओं पर रोक लगाने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की बात की। इस समस्या का महत्व इसलिए है क्योंकि देश में लंबे समय से नकली और घटिया दवाओं के मामले स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं।

आयुष्मान भारत की भूमिका पर चर्चा

सांसद महेश शर्मा ने बताया कि मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना ने आम लोगों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इस योजना के दायरे को बढ़ाने पर भी जोर दिया।

लिवर स्वास्थ्य और आयुर्वेद पर विशेष सत्र

जाने-माने हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. एस.के. सरीन ने लिवर से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम और शुरुआती जांच के महत्व पर बात की, क्योंकि ये बीमारियां बिना लक्षण दिखाए बढ़ती रहती हैं। वहीं पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद और योग के साथ बढ़ती पहचान पर बात की और इनके लिए बेहतर पहुंच, अधिक वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वास्थ्य बीमा में शामिल किए जाने की मांग की।

कार्यक्रम का उद्देश्य

आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कॉनक्लेव के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के साथ बातचीत को एक मंच पर लाया जाता है, ताकि नीति बनाने वालों, डॉक्टरों और आम लोगों के बीच संवाद बेहतर हो सके। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य की परिभाषा बदल रही है। अब इसका मकसद बीमारी के इलाज करना नहीं रहा, बल्कि लोगों को बीमार होने से पहले ही सही फैसले करने में सक्षम बनाना है।

मुख्य बिंदु

  • Mansukh Mandaviya ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए एक स्वस्थ आबादी बुनियादी है।
  • कार्यक्रम की थीम रही “रोकथाम बेहतर है इलाज से”।
  • कोविड के प्रबंधन को एक सफल भारतीय मॉडल के रूप में पेश किया गया।
  • नकली दवाओं, आयुष्मान भारत, लिवर स्वास्थ्य और आयुर्वेद पर अलग-अलग सत्र हुए।
  • विशेषज्ञों ने आयुर्वेद के लिए बेहतर बीमा और अनुसंधान की मांग की।
  • कॉनक्लेव का फोकस रहा रोकथाम आधारित स्वास्थ्य और बेहतर पहुंच।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1:  Mandaviya ने क्या संदेश दिया?

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए एक स्वस्थ आबादी बुनियादी है।

Q2: कार्यक्रम की थीम क्या रही?

“कॉनवर्सेशन्स फॉर ए हेल्दी टूमोरो: प्रिवेंशन इज बेटर थन क्यूर”।

Q3: किन अन्य नेताओं और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया?

डॉ. पंकज कुमार सिंह, सांसद महेश शर्मा, डॉ. एस.के. सरीन और आचार्य बालकृष्ण ने हिस्सा लिया।

Q4: कोविड-19 के बारे में बात क्यों की गई?

Mansukh Mandaviya ने भारत के कोविड-19 प्रबंधन मॉडल को एक उदाहरण के रूप में पेश किया, जिसकी बिल गेट्स ने भी सराहना की थी।

Q5: इस कॉनक्लेव का मुख्य फोकस क्या रहा?

रोकथाम आधारित स्वास्थ्य, नकली दवाओं पर रोक, आयुष्मान भारत का विस्तार और आयुर्वेद और योग को मुख्यधारा में लाना।

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