New Delhi: इन दिनों दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में बुखार, गले में दर्द और शरीर दर्द के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, इस सर्ज में इन्फ्लूएंजा A का H3N2 स्ट्रेन प्रमुख रोल निभा रहा है, जबकि H1N1, राइनोवायरस, एडेनोवायरस और COVID-19 जैसे कई वायरस भी साथ-साथ फैल रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने, हाथों की सफाई रखने और लक्षण गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
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क्या हैं वायरल Flu के लक्षण?
वायरल संक्रमण में आमतौर पर तेज बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, बहती नाक, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, थकान तथा भूख कम लगना दिख सकता है।
कुछ मामलों में मतली, उल्टी या दस्त भी हो सकते हैं। अगर बुखार 2-3 दिन से ज्यादा रहे, सांस लेने में दिक्कत हो या बच्चे की हालत अचानक बिगड़े, तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलें।
फ्लू से बचने के 7 एहतियात
मास्क पहनें: भीड़ वाली जगह, मेट्रो, बस, मॉल और अस्पताल में मास्क पहनें।
हाथ धोएं: साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं या अल्कोहल वाला सैनिटाइजर इस्तेमाल करें।
चेहरे को हाथ न लगाएं: बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
खांसते समय मुंह ढकें: खांसते या छींकते समय रुमाल या कोहनी से मुंह-नाक ढकें।
बीमार लोगों से दूरी रखें: बुखार या खांसी वाले व्यक्ति के करीब जाने से बचें और खुद बीमार हों तो घर पर रहें।
पानी और आराम लें: खूब पानी, तरल आहार, नींद और आराम लें ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।
खुद से एंटीबायोटिक न लें: वायरल बुखार में एंटीबायोटिक काम नहीं करती। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।
कब करें डॉक्टर से संपर्क?
अगर तेज बुखार लगातार रहे, सांस फूले, सीने में दर्द हो, बच्चा बहुत कमजोर लगे, खाना-पानी बंद कर दे या लक्षण 2-3 दिन में सुधार न करें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। फ्लू के लक्षण शुरू होने के पहले 48 घंटों में डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा असरदार हो सकता है।










