13 करोड़ नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से छूटे, अब चुनाव आयोग ने शुरू की ‘लेफ्ट आउट’ वोटर ड्राइव

नई दिल्ली: देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम छूट जाने के बाद चुनाव आयोग ने EC वोटर ड्राइव की शुरुआत की है, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची में जोड़ा जा सके। किन राज्यों में कितने नाम छूटे एक रिपोर्ट के मुताबिक 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रकाशित ड्राफ्ट रोल्स में से कुल करीब 13 करोड़ नाम छूटे हैं। बिहार में 1 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट रोल में करीब 65 लाख नाम छूटे थे, जिसमें कुल 7.24 करोड़ मतदाता सूचीबद्ध हुए थे। उत्तर प्रदेश में करीब 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हो सके, जिससे राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 12.55 करोड़ मतदाताओं तक पहुंची। दिल्ली में 47.56 लाख नाम छूटे, जिससे ड्राफ्ट रोल 1.45 करोड़ से घटकर 97.53 लाख मतदाताओं तक रह गया। मुख्य चुनाव आयुक्त का निर्देश एक रिपोर्ट के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को यह विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। यह निर्देश लिखित पत्र और राज्यों के CEO के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस, दोनों के ज़रिए दिया गया। ये भी पढ़ें:Brazil Election: सर्वे को झुठलाकर आगे निकले फ्लाविओ Bolsonaro, अब लूला से रनऑफ में टक्कर अभियान में क्या किया जाएगा चुनाव आयोग के पत्र के मुताबिक, “आयोग ने छूटे हुए और पहली बार/युवा मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।” अधिकारियों को उन लोगों की सूची तैयार करने को कहा गया है जिनके नाम हटाए गए हैं, और ऐसे मतदाताओं की पहचान करने को कहा गया है जो छूट गए हों। ऐसे मतदाताओं को Form 6 भरने में मदद की जाएगी ताकि उनका नाम दोबारा जोड़ा जा सके। आयोग का रुख चुनाव आयोग का कहना है कि ड्राफ्ट रोल में किसी नाम का न होना और उस नाम का डिलीट होना, दोनों अलग बातें हैं। आयोग के मुताबिक मतदाता पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है और जिस भी व्यक्ति का नाम अभी तक सूची में नहीं है या जिसका नाम हट गया है, वह किसी भी समय पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है। क्यों अहम है यह मामला एक रिपोर्ट के अनुसार वोटर लिस्ट से नाम छूटने का असर राशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से विपक्षी दल लगातार छूटे हुए नामों को वापस जोड़ने की मांग कर रहे हैं। FAQs Q1. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कुल कितने नाम छूटे हैं? 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल करीब 13 करोड़ नाम छूटे हैं। Q2. उत्तर प्रदेश में कितने नाम छूटे? उत्तर प्रदेश में करीब 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हो सके। Q3. EC वोटर ड्राइव किस लिए शुरू की गई है? यह ड्राइव छूटे हुए और पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाताओं को दोबारा वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए शुरू की गई है। Q4. छूटे मतदाता दोबारा नाम कैसे जुड़वा सकते हैं? उन्हें Form 6 भरकर आवेदन करना होगा, जिसमें अधिकारी मदद करेंगे। Q5. यह अभियान किन राज्यों में चलेगा? यह अभियान 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलेगा, जहां SIR प्रक्रिया हो चुकी है। Q6. चुनाव आयोग का इस पर क्या कहना है? आयोग का कहना है कि ड्राफ्ट रोल में नाम न होना डिलीशन नहीं है, और पात्र मतदाता कभी भी पंजीकरण के लिए आवेदन
Brazil Election: सर्वे को झुठलाकर आगे निकले फ्लाविओ Bolsonaro, अब लूला से रनऑफ में टक्कर

New Delhi: Brazil के राष्ट्रपति चुनाव 2026 के पहले दौर में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लाविओ Bolsonaro ने चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों को पीछे छोड़ते हुए मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा पर बढ़त हासिल की है। अब दोनों नेताओं के बीच 25 अक्टूबर को रनऑफ (दूसरे दौर का) मुकाबला होगा, क्योंकि कोई भी उम्मीदवार जीत के लिए ज़रूरी 50 प्रतिशत से ज़्यादा वोट हासिल नहीं कर सका। Brazil Election के क्या रहे नतीजे रिपोर्ट्स के मुताबिक 99 प्रतिशत से ज़्यादा वोटों की गिनती के बाद फ्लाविओ Bolsonaro को 47 प्रतिशत से ज़्यादा वोट मिले, जबकि लूला दूसरे स्थान पर 45 प्रतिशत वोटों के साथ रहे। चुनाव पूर्व सर्वे में लूला को करीब तीन प्रतिशत अंकों की बढ़त मिलने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन नतीजे इसके उलट रहे। फ्लाविओ Bolsonaro कौन हैं फ्लाविओ बोल्सोनारो पूर्व राष्ट्रपति जायर Bolsonaro के सबसे बड़े बेटे हैं। जायर बोल्सोनारो फिलहाल 2022 के चुनाव नतीजों को पलटने की साज़िश रचने के दोषी ठहराए जाने के बाद 27 साल की सज़ा काट रहे हैं और नज़रबंद हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार फ्लाविओ की उम्मीदवारी को तब और मज़बूती मिली जब दिसंबर में जेल में बंद उनके पिता ने उनका नाम आगे बढ़ाया। नेताओं की प्रतिक्रिया नतीजों के बाद फ्लाविओ बोल्सोनारो ने कहा, “ब्राज़ील बदलाव चाहता है, आज जो हुआ उसका यही मतलब निकलता है।” वहीं लूला ने कहा कि अब एक नया अभियान शुरू होगा। लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर मतदाताओं को आगाह भी किया। मुद्दे क्या रहे एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाविओ ने महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को प्रमुख मुद्दा बनाया, वहीं लूला ने ऑनलाइन गैंबलिंग पर बैन लगाने के साथ चुनाव नज़दीक आते ही कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार और परिवारों के लिए कर्ज़ राहत का प्रस्ताव रखा। ये भी पढ़ें: UP Election 2027: सपा का 55 सीटों का ऑफर, कांग्रेस की 200 की डिमांड, क्या बनेगी बात? आगे क्या होगा रनऑफ मुकाबला 25 अक्टूबर को होगा। एक रिपोर्ट के अनुसार तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर रहे उम्मीदवार भी दक्षिणपंथी रुझान के रहे, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि रनऑफ में फ्लाविओ को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। FAQs Q1. ब्राज़ील चुनाव के पहले दौर में कौन आगे रहा? फ्लाविओ बोल्सोनारो को करीब 47 प्रतिशत वोट मिले, जबकि लूला दा सिल्वा को करीब 45 प्रतिशत वोट मिले। Q2. रनऑफ मुकाबला कब होगा? 25 अक्टूबर को लूला और फ्लाविओ बोल्सोनारो के बीच रनऑफ मुकाबला होगा। Q3. फ्लाविओ बोल्सोनारो कौन हैं? वे पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे और मौजूदा सीनेटर हैं। Q4. जायर बोल्सोनारो अभी कहां हैं? वे 2022 के चुनाव नतीजे पलटने की साज़िश के दोषी ठहराए जाने के बाद 27 साल की सज़ा के तहत नज़रबंद हैं। Q5. इस चुनाव में मुख्य मुद्दे क्या रहे? महंगाई, जीवन-यापन की लागत, और लूला की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख मुद्दे रहे। Editor’s Note यह स्थिति तेज़ी से बदल रही है मैंने दो स्वतंत्र, भरोसेमंद स्रोतों (NPR, OPB) के आंकड़े मिलाकर रखे हैं। प्रकाशन से पहले नवीनतम आंकड़े ज़रूर cross-check करें, क्योंकि वोटों की गिनती अपडेट होती रह सकती है।
UP Election 2027: सपा का 55 सीटों का ऑफर, कांग्रेस की 200 की डिमांड, क्या बनेगी बात?

New Delhi: UP Election 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट-बंटवारे को लेकर खींचतान सामने आई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सपा की ओर से कांग्रेस को 55 सीटों का ऑफर दिया गया है, जबकि कांग्रेस 150 से 200 सीटों की मांग पर अड़ी हुई है। गौतम का बड़ा बयान कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने शनिवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कहा, “किसने मांगी 150 सीटें? हमने तो असल में 200 सीटों की बात की थी।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस कम से कम 200 सीटों की हकदार है। गौतम ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का ही गठबंधन है और दोनों दल एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अक्टूबर महीने के भीतर सीट शेयरिंग का यह मसला सुलझ जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि सीटों की अंतिम संख्या पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के स्तर पर तय होगी। अखिलेश यादव का जवाब कांग्रेस की इस मांग पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संयत अंदाज़ में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मक़सद जब साफ़ हो तो हाथ में हाथ होता है, जय संविधान-जय हिंदुस्तान!” इससे पहले भी अखिलेश यादव कई बार कह चुके हैं कि चुनाव में बात सीटों की संख्या की नहीं, बल्कि जीत की होनी चाहिए। छोटे दलों की भी सीटों पर नज़र एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के अलावा गठबंधन में शामिल होने की कोशिश कर रहे कुछ छोटे दल भी अपने लिए सीटों की मांग कर रहे हैं, जिससे सीट-बंटवारे का समीकरण और जटिल हो गया है। अभी स्थिति क्या है अब तक समाजवादी पार्टी की ओर से सीट-बंटवारे को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। कांग्रेस की मांग (150-200 सीटें) और सपा की ओर से अनौपचारिक रूप से सामने आ रही संख्या (55 सीटें) के बीच अभी बड़ा अंतर बना हुआ है। ये भी पढ़ें: Gold Rate: सोना फिर महंगा, 24K ₹1.48 लाख के पार: आज का भाव FAQs Q1. सपा ने कांग्रेस को कितनी सीटों का ऑफर दिया है? रिपोर्ट्स के मुताबिक सपा की ओर से कांग्रेस को 55 सीटों का ऑफर सामने आया है, हालांकि पार्टी ने अभी इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की है। Q2. कांग्रेस कितनी सीटें मांग रही है? कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के अनुसार पार्टी कम से कम 200 सीटों की मांग कर रही है। Q3. अखिलेश यादव ने इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया दी? अखिलेश यादव ने सधे अंदाज़ में कहा कि बात सीटों की नहीं, जीत की होनी चाहिए, और सोशल मीडिया पर गठबंधन को लेकर सकारात्मक संदेश दिया। Q4. सीट शेयरिंग कब तक फाइनल होने की उम्मीद है? राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक अक्टूबर महीने के भीतर यह मसला सुलझने की उम्मीद है। Q5. क्या सीट शेयरिंग का फाइनल फैसला गौतम लेंगे? नहीं, उन्होंने खुद कहा है कि अंतिम संख्या कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व के स्तर पर तय होगी।
Gold Rate: सोना फिर महंगा, 24K ₹1.48 लाख के पार: आज का भाव

New Delhi: सोने का भाव आज (5 अक्टूबर 2026) फिर बढ़त के साथ खुला है। सुबह करीब 9:05 बजे MCX पर नवंबर एक्सपायरी वाला सोना 1,48,129 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दिल्ली में आज का Gold Rate BusinessToday की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,48,650 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,36,263 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज हुआ। बेंचमार्क गोल्ड रेट 1,49,040 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि चांदी भी गिरकर 2,26,380 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। रिटेल ब्रांड्स के भाव रिपोर्ट के मुताबिक जॉयअलुक्कास और मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स जैसे प्रमुख ब्रांड्स ने आज 22 कैरेट सोने का भाव 13,675 रुपये प्रति ग्राम पर स्थिर रखा, जबकि तनिष्क ने इसे 13,720 रुपये प्रति ग्राम पर लिस्ट किया। अन्य शहरों में भाव एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव चेन्नई में 1,49,320 रुपये, कोलकाता में 1,49,170 रुपये और मुंबई में 1,49,170 रुपये दर्ज हुआ। टैक्स को लेकर ज़रूरी जानकारी BusinessToday के अनुसार बेंचमार्क टेबल और स्टोर में दिखाए गए रेट सिर्फ़ bullion के आधार मूल्य होते हैं। रिटेल खरीद पर सोने की कीमत पर 3% GST और मेकिंग चार्ज पर अलग से 5% GST लगता है। FAQs Q1. आज दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव क्या है? दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,48,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। Q2. आज 22 कैरेट सोने का भाव क्या है? 22 कैरेट सोना आज 1,36,263 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज हुआ है। Q3. सोने पर कितना GST लगता है? सोने की कीमत पर 3% GST और मेकिंग चार्ज पर अलग से 5% GST लगता है। Q4. आज चांदी का भाव क्या है? आज चांदी का बेंचमार्क भाव 2,26,380 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। Q5. किस शहर में सोना सबसे महंगा है? उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चेन्नई में 24 कैरेट सोने का भाव (1,49,320 रुपये) अन्य शहरों से थोड़ा ज़्यादा है। Editor’s Note ज़रूरी: आज के भाव को लेकर अलग-अलग स्रोतों में मामूली अंतर है एक अन्य स्रोत के अनुसार दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,49,180-1,49,320 रुपये के बीच भी बताया गया है। यह अंतर अलग-अलग bullion associations और अपडेट होने के समय की वजह से हो सकता है। प्रकाशन से पहले अपने भरोसेमंद स्रोत (जैसे IBJA या अपनी agency feed) से अंतिम भाव एक बार क्रॉस-चेक कर लें।
Delhi Weather Update: आज गर्मी बरकरार, पारा 35-37°C के पार

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2026: अक्टूबर की शुरुआत के बावजूद दिल्ली में गर्मी का असर अभी कम होता नहीं दिख रहा। आज सोमवार को राजधानी में साफ आसमान के साथ तापमान 35°C से 37°C के बीच रहने का अनुमान है, जिससे निवासियों को मौसमी राहत का इंतज़ार अभी और करना पड़ सकता है। आज का Delhi Weather कैसा रहेगा IMD के अक्टूबर 4 के प्रेस बुलेटिन के मुताबिक, आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 35-37°C के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 22-24°C के आसपास रह सकता है। मौसम ज़्यादातर साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। सुबह के समय तापमान करीब 28°C दर्ज किया गया, जो दिन चढ़ने के साथ दोपहर तक 35°C के आसपास पहुंच गया। हवा में नमी का स्तर करीब 69% रहा, जबकि हवा की रफ्तार धीमी, महज 2-5 किमी/घंटा के आसपास रही। IMD के मुताबिक पूरे हफ्ते का हाल IMD के All India Weather Forecast Bulletin के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 7-9 अक्टूबर के बीच छिटपुट गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। यानी गर्मी से राहत के लिए दिल्लीवासियों को अभी कुछ और दिन इंतज़ार करना होगा। 5-6 अक्टूबर: साफ आसमान, तापमान 35-37°C के आसपास 7 अक्टूबर: आंशिक बदलाव, हल्की गरज-चमक संभव 7-9 अक्टूबर: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में छिटपुट बारिश की संभावना इसके बाद: तापमान में धीरे-धीरे गिरावट की उम्मीद क्यों बनी हुई है यह गर्मी रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर की शुरुआत में दिल्ली का औसत अधिकतम तापमान आमतौर पर 33-34°C के आसपास रहता है, लेकिन इस साल पारा इससे ऊपर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की देर से हुई वापसी और शुष्क पछुआ हवाओं के कारण यह गर्मी लंबी खिंच रही है। महत्वपूर्ण बातें आज अधिकतम तापमान 35-37°C, न्यूनतम 22-24°C के आसपास फिलहाल मौसम साफ रहेगा, बारिश की कोई संभावना नहीं 7-9 अक्टूबर के बीच दिल्ली-NCR में हल्की बारिश के आसार हवा की रफ्तार धीमी रहने से AQI पर असर पड़ने की आशंका IMD का पूर्वानुमान 4 अक्टूबर के बुलेटिन पर आधारित हवा की गुणवत्ता पर असर रिपोर्ट के मुताबिक, हवा की धीमी रफ्तार और साफ मौसम के बावजूद, शुष्क परिस्थितियों के चलते आने वाले दिनों में दिल्ली में वायु गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ सकती है। अक्टूबर के महीने में हर साल इसी समय के आसपास प्रदूषण का स्तर बढ़ना शुरू हो जाता है, इसलिए निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। निवासियों के लिए सलाह गर्म और शुष्क मौसम को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को खूब पानी पीने और दोपहर की तेज़ धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। वहीं 7 अक्टूबर के आसपास संभावित बारिश को देखते हुए यात्रा की योजना बनाते समय मौसम अपडेट ज़रूर चेक करने की सलाह दी गई है। आगे क्या होगा IMD के मुताबिक, अगले दो-तीन दिन दिल्ली में गर्मी बनी रहेगी, लेकिन हफ्ते के आखिर तक हल्की बारिश के साथ तापमान में कुछ गिरावट आने की उम्मीद है। मौसम विभाग स्थिति साफ होने पर अपडेटेड बुलेटिन जारी करता रहेगा।
UP Rajya Sabha Elections 2027: धनराज नथवानी और राम गोपाल यादव ने सपा से भरा राज्यसभा के लिये नामांकन, उच्च सदन पहुंचना तय

New Delhi: उत्तर प्रदेश की सियासत से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक कर दिए हैं। पार्टी ने गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के चेयरमैन धनराज परिमल नथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है, जिनका नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बुधवार सुबह पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी ने लखनऊ पहुंचकर अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। एक रिपोर्ट के मुताबिक दोनों नेताओं ने सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव की मौजूदगी में विधिवत रूप से नामांकन प्रक्रिया पूरी की। कौन हैं धनराज परिमल नथवानी धनराज परिमल नथवानी का नाम देश के कॉर्पोरेट जगत और खेल प्रशासन में जाना-पहचाना है। वे वर्तमान में गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन हैं और रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड में डायरेक्टर के पद पर भी कार्यरत हैं। इसके अलावा वे द्वारका देवस्थानम समिति और कई सामाजिक पहलों से भी जुड़े हुए हैं। मूल रूप से गुजरात से ताल्लुक रखने वाले नथवानी का उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस तरह उतरना राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है। समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए धनराज परिमल नथवानी और राम गोपाल यादव को उम्मीदवार बनाया#RajyaSabha #AkhileshYadav #RamGopalYadav #DhanrajParimalNathwani @yadavakhilesh@samajwadiparty@mediacellsp@proframgopalya1 pic.twitter.com/jZMWTXmi90 — News26india (@news26indias) September 30, 2026 राम गोपाल यादव: सपा के वरिष्ठ स्तंभ राम गोपाल यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं और लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं। वे पहले भी कई बार राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और पार्टी के मुख्य रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। ये भी पढ़ें: UP Election 2027: ‘आपके बिना सब सूना’, यूपी चुनाव से पहले बृजभूषण सिंह के बयान से सियासी तूफान, सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर कह दी बड़ी बात चुनाव की पृष्ठभूमि भारत निर्वाचन आयोग ने 22 सितंबर को राज्यसभा की 11 सीटों (10 उत्तर प्रदेश और 1 पश्चिम बंगाल उपचुनाव) के लिए द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा की थी। उत्तर प्रदेश से जिन 10 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें राम गोपाल यादव भी शामिल हैं। इन सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से होना है। यह राज्यसभा चुनाव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा है। सपा का सियासी समीकरण उत्तर प्रदेश विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर समाजवादी पार्टी के पास अपने कोटे से उम्मीदवारों को राज्यसभा भेजने की स्थिति मानी जा रही है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा तेज़ हो गई है कि इस समीकरण का आने वाले दिनों में विपक्ष की रणनीति और गठबंधन की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा। FAQs Q1. समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा के लिए किसे उम्मीदवार बनाया है? सपा ने राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को अपने उम्मीदवार बनाए हैं। Q2. धनराज परिमल नथवानी कौन हैं? वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन और रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड में डायरेक्टर हैं। Q3. नामांकन कब और कहां दाखिल हुआ? दोनों उम्मीदवारों ने बुधवार को लखनऊ में अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। Q4. राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान कब होगा? मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से होगा। Q5. यह चुनाव कितनी सीटों के लिए है? भारत निर्वाचन आयोग ने कुल 11 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की है, जिनमें उत्तर प्रदेश की 10 और पश्चिम बंगाल की 1 उपचुनाव सीट शामिल है। Q6. राम गोपाल यादव पहले भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं? हां, वे सपा के वरिष्ठ नेता हैं और पहले भी कई बार पार्टी की ओर से राज्यसभा में रह चुके हैं।
UP Election 2027: ‘आपके बिना सब सूना’, यूपी चुनाव से पहले बृजभूषण सिंह के बयान से सियासी तूफान, सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर कह दी बड़ी बात

New Delhi: UP Election 2027 से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट-बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक बयान सामने आया है, जो तेज़ी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। किस सवाल पर आया यह बयान दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान पत्रकारों ने बृजभूषण शरण सिंह से पूछा कि कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि पार्टी 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। इस सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने सीट-बंटवारे का कोई फॉर्मूला बताने के बजाय मुस्कुराते हुए कहा, “अखिलेश के बिना सब सूना है।” बयान का समय भी अहम यह बयान ऐसे समय आया है जब 30 सितंबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक हो रही थी और अखिलेश यादव इसमें शामिल नहीं हुए। कांग्रेस और सपा के बीच सीट-बंटवारे पर बातचीत जारी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सपा और कांग्रेस के बीच सीट-बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है। खबरों के अनुसार कांग्रेस ज़्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा कर रही है, वहीं अखिलेश यादव ने केवल सीटों की संख्या पर ध्यान देने के बजाय चुनाव जीतने में सक्षम उम्मीदवार उतारने के महत्व पर ज़ोर दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को उन निर्वाचन क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए जहां मजबूत उम्मीदवार जीत हासिल करने की अच्छी स्थिति में हैं। बृजभूषण और अखिलेश का रिश्ता गौरतलब है कि बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं और गोंडा (कैसरगंज) से पूर्व सांसद हैं। बृजभूषण शरण सिंह और अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक विरोध के बावजूद दोनों की ओर से एक-दूसरे पर सीधे तीखे हमले कम ही देखने को मिले हैं। बृजभूषण पहले भी कई मौकों पर अखिलेश यादव की तारीफ कर चुके हैं, वहीं अखिलेश भी उन्हें मुलायम सिंह यादव के करीबी के तौर पर संदर्भित करते रहे हैं। बयान के सियासी मायने बृजभूषण शरण सिंह के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे अखिलेश यादव की राजनीतिक अहमियत को स्वीकार करने वाला बयान बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सपा-कांग्रेस के बीच चल रही सीट-बंटवारे की खींचतान पर भाजपा नेता का तंज मान रहे हैं। हालांकि, बृजभूषण सिंह ने किसी गठबंधन या चुनावी रणनीति को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) Q1. बृजभूषण शरण सिंह ने अखिलेश यादव को लेकर क्या कहा? उन्होंने कहा, “अखिलेश के बिना सब सूना है।” Q2. यह बयान किस सवाल के जवाब में आया? कांग्रेस के 150 से कम सीटों पर न लड़ने के दावे को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में बृजभूषण ने यह बात कही। Q3. बृजभूषण शरण सिंह कौन हैं? वे गोंडा (कैसरगंज) से भाजपा के पूर्व सांसद हैं। Q4. यह बयान किस मौके पर दिया गया? यह बयान दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान आया, उसी दिन जब दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक हो रही थी। Q5. क्या अखिलेश यादव इस बैठक में शामिल हुए? नहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक अखिलेश यादव 30 सितंबर की INDIA गठबंधन बैठक में शामिल नहीं हुए। Q6. सपा-कांग्रेस के बीच सीट-बंटवारे पर अखिलेश यादव का क्या कहना है? उन्होंने कहा है कि सीटों की संख्या से ज़्यादा ज़रूरी उन क्षेत्रों पर ध्यान देना है जहां मजबूत उम्मीदवार जीत की अच्छी स्थिति में हों।
Italy: स्कूलों में Burqa-Niqab पर Ban, विदेशी छात्रों की संख्या Limited करने का फैसला

New Delhi: Italy की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni की सरकार ने स्कूलों में बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को कैबिनेट ने एक decree-law (डिक्री-कानून) पास किया, जिसके तहत स्कूलों में बुर्का और नकाब जैसे चेहरा ढकने वाले परिधान पहनना गैरकानूनी होगा। साथ ही अगले साल से क्लासरूम में गैर-इतालवी भाषी छात्रों की संख्या पर 30 प्रतिशत की सीमा लागू की जाएगी। नियम तोड़ने पर जुर्माना नए नियमों का उल्लंघन करने पर 1,000 यूरो (करीब 1,140 डॉलर) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। decree-law तुरंत प्रभाव में आ सकता है, लेकिन इसे 60 दिनों के भीतर संसद से मंजूरी लेनी होगी। मेलोनी ने क्या कहा Giorgia Meloniने रविवार को अपनी पार्टी Brothers of Italy (FdI) की युवा शाखा के एक कार्यक्रम में इन बदलावों की घोषणा की थी। उन्होंने अपने X अकाउंट पर लिखा कि इतालवी भाषा सीखने के “tools” और स्कूलों में बुर्का-नकाब को “रोकना” ऐसी “common sense” बातें हैं जो लोगों को बांटती नहीं हैं। Oggi abbiamo approvato in Consiglio dei Ministri il decreto sulla scuola. Un limite del 30% nelle classi per gli studenti che non conoscono adeguatamente l’italiano, più strumenti per imparare la nostra lingua e stop a burqa e niqab a scuola. Strumenti di buonsenso che non… pic.twitter.com/JEbie74wYy — Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) September 24, 2026 राष्ट्रपति की चिंता राष्ट्रपति सर्जियो मतारेल्ला, जिन्हें भी इस डिक्री पर हस्ताक्षर करने हैं, ने इस हफ्ते शिक्षा पर किसी भी तरह की बाधा को लेकर सतर्कता जताई थी। विदेशी छात्रों की मौजूदा स्थिति शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2022-23 शैक्षणिक वर्ष में गैर-नागरिक छात्र Italy की स्कूली आबादी का 11.2 प्रतिशत थे, जबकि 30 प्रतिशत से ज्यादा विदेशी छात्रों वाली कक्षाएं कुल कक्षाओं का 7.6 प्रतिशत थीं। अभिभावकों के लिए भाषा की शर्त सरकार ने उन विदेशी छात्रों के अभिभावकों के लिए भी इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है, जिनके बच्चों को स्कूल व्यवस्था में एकीकृत होने में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। ये भी पढ़ें:Sensex 315 अंक चढ़ा, Nifty भी संभला; Realty-Auto शेयरों में तेजी, बैंकिंग शेयरों का भी सहारा बुर्का बैन पर बहस नए नियमों के तहत छात्र स्कूल में बुर्का और नकाब सहित चेहरा पूरी तरह ढकने वाले परिधान नहीं पहन सकेंगे। सरकार का तर्क है कि खुला संवाद और भागीदारी सीखने के माहौल का अहम हिस्सा हैं। समर्थकों का कहना है कि यह एकीकरण की दिशा में कदम है, जबकि आलोचकों ने धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पसंद से जुड़े सवाल उठाए हैं। मेलोनी ने हिजाब (सिर ढकने वाला स्कार्फ) का इसमें कोई ज़िक्र नहीं किया। यूरोप में व्यापक बहस का हिस्सा यह प्रस्ताव यूरोप में आव्रजन, सांस्कृतिक एकीकरण और सार्वजनिक संस्थानों में धार्मिक प्रतीकों को लेकर जारी व्यापक बहस के बीच आया है। कई यूरोपीय देशों में पहले से सार्वजनिक स्थानों और शिक्षण संस्थानों में चेहरा ढकने वाले परिधानों पर अलग-अलग स्तर की पाबंदियां लागू हैं। FAQs Q1. इटली में स्कूलों में बुर्का-नकाब पर बैन क्यों लगाया जा रहा है? सरकार का कहना है कि स्कूलों में खुला संवाद और छात्रों की पूरी भागीदारी ज़रूरी है, इसलिए चेहरा ढकने वाले परिधानों पर रोक लगाई जा रही है। Q2. नियम तोड़ने पर क्या सज़ा है? नियमों के उल्लंघन पर 1,000 यूरो (लगभग 1,140 डॉलर) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। Q3. विदेशी छात्रों की संख्या पर क्या सीमा तय की गई है? क्लासरूम में गैर-इतालवी भाषी छात्रों की संख्या पर 30 प्रतिशत की सीमा अगले साल से लागू होगी। Q4. क्या यह कानून लागू हो चुका है? यह एक decree-law है, जो तुरंत प्रभाव में आ सकता है, लेकिन इसे 60 दिनों के भीतर संसद से मंजूरी लेनी ज़रूरी है। Q5. क्या हिजाब पर भी बैन लगाया गया है? नहीं, मेलोनी ने खासतौर पर बुर्का और नकाब का ज़िक्र किया है, हिजाब का इसमें उल्लेख नहीं किया गया है। Q6. इस फैसले पर क्या विवाद है? समर्थक इसे एकीकरण की दिशा में कदम बता रहे हैं, जबकि आलोचकों ने धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पसंद पर सवाल उठाए हैं।
Asian Games 2026: शॉट-पुटर मनप्रीत कौर ने जीता कांस्य पदक

New Delhi: भारत की शॉट-पुटर Manpreet Kaur ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की शॉट पुट स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। 36 वर्षीय मनप्रीत पटियाला की रहने वाली हैं और उनका पिछला बड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन 2023 एशियन चैंपियनशिप का कांस्य पदक था। मुकाबले का हाल मनप्रीत ने अपने चौथे प्रयास में 17.17 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए पोडियम स्थान हासिल किया। फाइनल राउंड में उनका एक प्रयास अमान्य भी रहा, लेकिन इससे पहले हासिल थ्रो ने उन्हें पदक दिला दिया। चीन की सोंग जियायुआन ने 19.40 मीटर के थ्रो से स्वर्ण पदक जीता, जबकि उन्हीं की साथी झांग लिनरू ने 18.14 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। दक्षिण कोरिया की जियोंग यू सुन 16.78 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहीं। मनप्रीत की साथी कृष्णा जयशंकर मेनन ने 16.57 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। ये भी पढ़ें:SIR विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ PIL, दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों पर उठे सवाल Manpreet Kaur कौर कौन हैं मनप्रीत सात बार की राष्ट्रीय चैंपियन हैं और भारतीय एथलेटिक्स में एक दशक से ज्यादा समय से सक्रिय हैं। उन्होंने ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो 18.06 मीटर है, जो उन्होंने 2022 में किया था। 2026 में मनप्रीत ने नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 17.75 मीटर के थ्रो से जीत हासिल की थी, जो एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन मानक (16.25 मीटर) से कहीं ज्यादा था। यह मनप्रीत का पहला एशियन गेम्स पदक है। Shot Put Final Results – Asian Games 2026 Position Athlete Country Throw Gold Song Jiayuan China 19.40 m Silver Zhang Linru China 18.14 m Bronze Manpreet Kaur India 17.17 m 4th Jeong Yu Sun South Korea 16.78 m 5th Krishna Jayasankar Menon India 16.57 m भारत का प्रदर्शन एशियन गेम्स के छठे दिन भारत के लिए यह एक और पदक रहा। इसी दिन निशानेबाजों कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। FAQs Q1. मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स 2026 में कौन सा पदक जीता? मनप्रीत कौर ने महिलाओं की शॉट पुट स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। Q2. मनप्रीत कौर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कितना रहा? उन्होंने अपने चौथे प्रयास में 17.17 मीटर का थ्रो किया। Q3. शॉट पुट में स्वर्ण और रजत किसने जीते? चीन के सोंग जियायुआन ने 19.40 मीटर के साथ स्वर्ण पदक और झांग लिनरू ने 18.14 मीटर के साथ रजत पदक जीते। Q4.Manpreet Kaurकहां की रहने वाली हैं? वह पंजाब के पटियाला की रहने वाली हैं। Q5. .Manpreet Kaur का पिछला बड़ा पदक कौन सा था? 2023 एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक। Q6. क्या यह मनप्रीत का पहला एशियन गेम्स पदक है? हां, यह उनका पहला एशियन गेम्स पदक है। Q7. भारत की किस अन्य खिलाड़ी ने इसी स्पर्धा में हिस्सा लिया? कृष्णा जयशंकर मेनन ने 16.57 मीटर के थ्रो के साथ पांचवां स्थान हासिल किया।
Election Commission Row LIVE: CEC को हटाने की मांग पर प्रदर्शन के दौरान गौरव गोगोई हिरासत में लिए गए

New Delhi: असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को शुक्रवार को पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के दौरान हिरासत में ले लिया गया। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। क्या हुआ Gaurav Gogoi के साथ असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी मुख्यालय राजीव भवन से एक मार्च निकाला था, जिसका मकसद मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय तक पहुंचना और वहां CEC का पुतला फूंकना था। पुलिस ने राजीव भवन के पास बैरिकेड लगा रखे थे। जब गोगोई समेत प्रदर्शनकारी नेताओं ने इन बैरिकेड को पार करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह प्रदर्शन क्यों हो रहा है रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रदर्शन एक हालिया investigative मीडिया रिपोर्ट के बाद आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), वोटर डेटा और नए वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर आंतरिक कामकाज और असहमति की बात सामने आई थी। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही है और CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करती रही है। ये भी पढ़ें:SIR विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ PIL, दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों पर उठे सवाल महत्वपूर्ण बातें गुवाहाटी में शुक्रवार को CEC हटाओ मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन हुआ गौरव गोगोई के साथ AICC सचिव मनोज चौहान, सेवा दल अध्यक्ष दीप बायन और APCC महासचिव को भी हिरासत में लिया गया प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर CEC का पुतला फूंकने वाले थे बैरिकेड पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लिया यह असम में कांग्रेस के व्यापक राजनीतिक अभियान का हिस्सा है आधिकारिक बयान कांग्रेस प्रवक्ता बेदब्रत बोरा ने आरोप लगाया कि नेताओं को “जबरन गिरफ्तार” किया गया और कहा, “यह लोकतंत्र के लिए एक और खतरा है।” चुनाव आयोग की ओर से प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाए गए विशिष्ट आरोपों पर अभी तक कोई तत्काल आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि आयोग पहले यह स्पष्ट कर चुका है कि उसकी कार्यवाहियां स्थापित कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत संचालित होती हैं। Background कांग्रेस चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से सवाल उठाती रही है, खासकर SIR प्रक्रिया और वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर। हाल ही में असम कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर गौरव गोगोई ने पार्टी को 2026 असम विधानसभा चुनाव में नेतृत्व दिया था, जिसमें कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही और सीटें गंवा बैठी। गोगोई खुद जोरहाट विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे। आगे क्या होगा फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हिरासत में लिए गए नेताओं पर कोई औपचारिक कानूनी कार्रवाई होगी या नहीं। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी का चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
