New Delhi: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र आने वाले दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार सिस्टम चरणबद्ध तरीके से मज़बूत होगा और आंध्र प्रदेश तथा ओडिशा के तटीय इलाक़ों में भारी बारिश का ख़तरा बन सकता है। अभी यह सिर्फ़ पूर्वानुमान है, तूफ़ान बना नहीं है।
IMD का अनुमान: कब क्या होगा
IMD ने 23 अक्टूबर को बताया कि पूर्व-मध्य और सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी का कम दबाव क्षेत्र 24 अक्टूबर को डिप्रेशन, 25 अक्टूबर को गहरे डिप्रेशन और 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान बन सकता है। 24 अक्टूबर की विशेष बुलेटिन में कहा गया कि सिस्टम “वेल मार्क्ड लो प्रेशर” बन चुका है और उसी दिन डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।
इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की सुबह के आसपास उत्तर आंध्र प्रदेश और सटे दक्षिण ओडिशा तट के पास पहुँच सकता है। दो मौसम मॉडलों के हवाले से कहा गया है कि इसके कुछ दिशा विज़ाखापत्तनम के आसपास और काकीनाडा-विशाखापत्तनम पट्टी की ओर जा सकती है। हालाँकि IMD ने अभी लैंडफ़ॉल की जगह की पुष्टि नहीं की है।
क्या नाम होगा?
अगर सिस्टम चक्रवाती तूफान बनता है तो उसका नाम ‘अर्नब’ होगा। बांग्ला में इसका मतलब समुद्र है। यह नाम सिर्फ़ तब लागू होगा जब सिस्टम इस स्तर तक पहुँचे।
बारिश का अलर्ट
IMD के मुताबिक तटीय आंध्र प्रदेश में 27 और 28 अक्टूबर को तथा ओडिशा में 28 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार दोनों राज्यों के तटीय इलाक़ों में 27 से 29 अक्टूबर के बीच भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी ज़िलों में 28 अक्टूबर से गरज के साथ बारिश और 40 किमी प्रति घंटे तक की हवाओं का अनुमान है। I
समुद्र और मछुआरों के लिए
IMD कोलकाता की बुलेटिन में 26 से 28 अक्टूबर तक मध्य बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र की स्थिति बेहद ख़राब रहने की चेतावनी है। इन तारीख़ों में मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सलाह दी जा रही है। जो पहले से समुद्र में हैं, वे स्थानीय प्रशासन और IMD के निर्देश मानें।
क्या तूफ़ान बनना तय है?
नहीं। कम दबाव का क्षेत्र बनने का मतलब यह नहीं कि चक्रवात बनेगा। पिछले महीने भी एक सिस्टम पर साइक्लोन वॉच जारी हुई थी, पर वह चक्रवाती तूफान नहीं बन पाया। रास्ता और ताक़त बदल सकते हैं।
क्या करें
- IMD और राज्य आपदा प्राधिकरण के आधिकारिक अलर्ट देखते रहें
- भारी बारिश में जलभराव वाली सड़कों से बचें
- तेज़ हवा में पेड़, बिजली के खंभों और कमज़ोर ढाँचों से दूर रहें
- अफ़वाहों पर भरोसा न करें, सिर्फ़ सरकारी स्रोत देखें










