New Delhi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद Jared Kushner एक बार फिर विवादों में हैं। एक नई किताब के अंश में गंभीर आरोप लगे हैं, जिन्हें Jared Kushner ने सिरे से नकार दिया है। साथ ही उनकी निजी निवेश कंपनी को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में अलग से सवाल उठ रहे हैं। दोनों मामले अलग हैं, इसलिए उन्हें अलग-अलग समझना ज़रूरी है।
Jared Kushner परआरोप क्या हैं?
Vanity Fair ने पत्रकार मैथ्यू कोल की आने वाली किताब “Princes and Thieves” का एक अंश छापा। इसके मुताबिक नीदरलैंड की सैन्य ख़ुफ़िया एजेंसी MIVD को रूसी साइबर ऑपरेशन के ज़रिये कुशनर के आईफ़ोन की स्क्रीन के स्क्रीनशॉट मिले। किताब का दावा है कि इनसे पता चला कि कुशनर यूएई के एक बैंक खाते को एक्सेस कर रहे थे, जिसमें अज़रबैजान के बैंक के रास्ते सैकड़ों मिलियन डॉलर पहुँचे थे।
किताब यह भी दावा करती है कि यूएई के शासक मोहम्मद बिन ज़ायद और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कम से कम 2 अरब डॉलर ऐसे गुप्त खातों में डाले, जिन तक कुशनर की पहुँच थी। Business Today ने साफ़ लिखा है कि वह इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका।
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कुशनर का जवाब
कुशनर ने X पर इन आरोपों को “पूरी तरह झूठा” बताया। उनका कहना है कि लेखक ने बैंक स्टेटमेंट, ट्रांसफ़र रिकॉर्ड या खाता नंबर जैसा कोई सबूत नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले कई जाँचों में उन्होंने 30 घंटे से ज़्यादा की गवाही दी थी और ऐसे आरोप तब कभी सामने नहीं आए। उनके वकील ने भी सभी आरोपों से इनकार किया।
रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व राजदूत डेविड फ्रीडमैन ने भी अपनी भूमिका के दावों को “100% ग़लत” बताया। चार पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि उन्हें कुशनर को विदेशी सरकारी खातों तक पहुँच की किसी राष्ट्रपति-स्तरीय मंज़ूरी की जानकारी नहीं थी। अभी तक किसी आधिकारिक जाँच एजेंसी ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
दूसरा मामला: Affinity Partners और हितों का टकराव
कुशनर की निवेश कंपनी Affinity Partners अलग विवाद के केंद्र में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल 2026 में कंपनी की परिसंपत्तियाँ 6.1 अरब डॉलर से ज़्यादा थीं और इनका लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा गैर-अमेरिकी निवेशकों का था। 2021 में सऊदी अरब के सॉवरेन वेल्थ फंड ने कंपनी में 2 अरब डॉलर का निवेश किया था।
1 अक्टूबर को जाँच में सामने आया कि Affinity इज़राइली वित्तीय कंपनी Phoenix Financial की सबसे बड़ी शेयरधारक है। जुलाई तक उसकी 7.4% हिस्सेदारी की क़ीमत 1 अरब डॉलर से ज़्यादा थी। मदर जोन्स के अनुसार के रिपोर्टरों ने माना कि उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि कुशनर की कूटनीतिक गतिविधियों ने सीधे उनके निवेश पोर्टफ़ोलियो को प्रभावित किया। कुशनर ने की रिपोर्ट को “बेहद भ्रामक” कहा और लिखा कि Phoenix रक्षा कंपनी नहीं है।
कांग्रेस में क्या हो रहा है?
हाउस ओवरसाइट कमेटी के डेमोक्रेट सदस्य रॉबर्ट गार्सिया ने 5 अक्टूबर को कुशनर को पत्र लिखकर Affinity के विदेशी निवेशों की जानकारी माँगी। सीनेटर रॉन वायडन ने व्हाइट हाउस से Affinity की मध्य-पूर्व में फ़ंडरेज़िंग की जानकारी माँगी। रिपोर्ट के मुताबिक कुशनर या कंपनी ने पहले के अनुरोध का जवाब नहीं दिया था। कुशनर के वकील ने गार्सिया की आलोचना को ख़ारिज किया और रिपोर्ट में आए निवेशों में गार्सिया की अपनी हिस्सेदारी की ओर इशारा किया।
कुशनर की मौजूदा भूमिका
कुशनर को “स्पेशल एनवॉय फ़ॉर पीस मिशन्स” बताया गया है और वे Affinity Partners के सीईओ भी हैं। मार्च में न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के बाद डेमोक्रेट सांसदों ने चिंता जताई थी कि वे अरबों डॉलर जुटाने की कोशिश करते हुए सरकारी दूत की भूमिका में हैं। Affinity के कानूनी अधिकारी ने तब कहा था कि कंपनी Jared Kushner के सरकार के लिए स्वयंसेवा के दौरान कोई अतिरिक्त पूँजी नहीं लेगी।
अब आगे क्या?
किताब के आरोप अभी सिर्फ़ आरोप हैं और उन पर कोई आधिकारिक जाँच की घोषणा हमारी जानकारी में नहीं है। Affinity से जुड़े सवालों पर कांग्रेस में पत्राचार जारी है। आगे की ख़बरों में कुशनर के जवाब और किताब के प्रकाशन के बाद की प्रतिक्रियाओं पर नज़र रखें।










