शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को घरेलू शेयर बाजार में रिकवरी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 315.20 अंक या 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,895.74 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50, 77.40 अंक या 0.34 प्रतिशत मजबूत होकर 23,140.50 पर बंद हुआ।
यह तेजी पिछले कारोबारी सत्र यानी गुरुवार की तीखी गिरावट के बाद आई है, जब बीमा क्षेत्र से जुड़ी नियामकीय खबरों के चलते बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में बड़ी बिकवाली देखी गई थी। शुक्रवार को रियल्टी और ऑटो शेयरों में खासी खरीदारी रही, वहीं बैंकिंग शेयरों में भी चुनिंदा खरीदारी का सहारा मिला। हालांकि आईटी शेयरों में दबाव बना रहा, जिसने बाजार की तेजी को कुछ हद तक सीमित किया।
बता दें कि इस बढ़त के बावजूद निफ्टी लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ, जो 2020 के बाद सबसे लंबा साप्ताहिक गिरावट सिलसिला है। यानी शुक्रवार की तेजी को साप्ताहिक रुझान के उलट एक दिन की रिकवरी के तौर पर देखा जा रहा है।
Sensex और Nifty का आज का हाल
Sensex:
- क्लोजिंग लेवल: 73,895.74
- बढ़त: 315.20 अंक
- प्रतिशत बढ़त: 0.43%
- दिन का उच्चतम स्तर: करीब 73,906.96
Nifty 50:
- क्लोजिंग लेवल: 23,140.50
- बढ़त: 77.40 अंक
- प्रतिशत बढ़त: 0.34%
कारोबार के दौरान सेंसेक्स दोपहर 3 बजे तक 73,839.15 पर था, फिर क्लोजिंग ऑक्शन सत्र (CAS) में मजबूत होकर 73,881.44 तक पहुंचा और अंतिम रूप से 73,895.74 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी अंतिम कारोबारी घंटों में मजबूती दिखाते हुए 23,140.50 पर बंद हुआ।
पिछले कारोबारी सत्र में क्या हुआ था?
गुरुवार को घरेलू बाजार में भारी बिकवाली देखी गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीमा नियामक द्वारा बीमा कमीशन और वितरण लागत से जुड़े नियमों में संभावित बदलाव की खबरों ने वित्तीय और बीमा से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव डाला, जिसका असर पूरे बाजार पर पड़ा। इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और वैश्विक बाजारों की कमजोरी ने भी सेंटीमेंट को प्रभावित किया। इस गिरावट में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे।
गुरुवार की इसी बिकवाली के बाद निवेशकों ने शुक्रवार को मूल्यांकन के आधार पर खरीदारी (वैल्यू बाइंग) की, जिससे बाजार में आंशिक रिकवरी देखने को मिली।
Banking और Auto Stocks में खरीदारी
शुक्रवार को सेंसेक्स पैक में एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एशियन पेंट्स प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे। एक्सिस बैंक की बढ़त से बैंकिंग शेयरों में खरीदारी का संकेत मिला, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा की तेजी ने ऑटो सेक्टर को सहारा दिया।
रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला। हालांकि यह खरीदारी पूरी तरह व्यापक (broad-based) नहीं, बल्कि चुनिंदा शेयरों तक सीमित रही, क्योंकि सेक्टोरल इंडेक्स पर मिला-जुला रुख देखने को मिला। एनएसई पर सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स टॉप गेनर रहा।
Oil & Gas Stocks का प्रदर्शन
शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) उन शेयरों में शामिल रहा जो 52-हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंचे। रिलायंस के साथ-साथ पीबी फिनटेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर भी 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए। यह दिखाता है कि तेल एवं गैस तथा कुछ अन्य हैवीवेट सेक्टरों में कमजोरी बनी रही, भले ही व्यापक सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
दूसरे सेक्टर्स का हाल
शुक्रवार के कारोबार में सेक्टोरल इंडेक्स मिले-जुले रहे:
- आईटी: भारतीय स्टॉक मार्केट पर एक रिपोर्ट के अनुसार, मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच आईटी शेयरों में दबाव देखने को मिला, जिसने बाजार की तेजी को सीमित किया
- कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: एनएसई पर टॉप सेक्टोरल गेनर रहा
- मिडकैप और स्मॉलकैप: निफ्टी मिडकैप 100, 0.14 प्रतिशत नीचे बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100, 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ
अन्य क्षेत्रों (फार्मा, मेटल, मीडिया, एफएमसीजी) से जुड़े पुष्ट आंकड़े फिलहाल सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं, इसलिए उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना उचित नहीं होगा।
बाजार में तेजी की प्रमुख वजहें
शुक्रवार की रिकवरी के पीछे प्रमुख रूप से ये कारण सामने आए हैं:
- गुरुवार की तीखी गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग यानी मूल्यांकन के आधार पर खरीदारी
- रियल्टी और ऑटो शेयरों में खरीदारी का सहारा
- चुनिंदा बैंकिंग शेयरों (जैसे एक्सिस बैंक) में मजबूती
- निफ्टी इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) में 7.25 प्रतिशत की गिरावट, जो नियर-टर्म अस्थिरता की आशंका कम होने का संकेत है
वहीं आईटी शेयरों में कमजोरी और वैश्विक बाजारों के मिश्रित रुझान ने तेजी को सीमित रखा।
FII और DII Activity
25 सितंबर 2026 के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की अंतिम और पुष्ट खरीद-बिक्री का पूरा आंकड़ा फिलहाल स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है। हालांकि हाल के सत्रों में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली की खबरें आई हैं, जो घरेलू बाजार के लिए एक प्रमुख दबाव कारक बनी हुई थीं। सटीक और अंतिम आंकड़े आने पर इसे अपडेट किया जाएगा।
आज के बाजार में कौन से शेयर चर्चा में रहे?
- ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (TCI): शेयर बायबैक प्रस्ताव पर विचार की घोषणा के बाद करीब 15 प्रतिशत उछला
- एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स: सेंसेक्स पैक में टॉप गेनर्स रहे
- रिलायंस इंडस्ट्रीज, पीबी फिनटेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, मारुति सुजुकी: 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचे
- IPCA लैबोरेटरीज, लॉरस लैब्स, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स: निफ्टी फार्मा इंडेक्स में टॉप लूजर रहे
यह जानकारी केवल बाजार की गतिविधि की रिपोर्टिंग के लिए है, किसी भी शेयर में निवेश की सलाह के तौर पर नहीं ली जानी चाहिए।
Global Market और Crude Oil का असर
वैश्विक स्तर पर संकेत मिश्रित रहे। एशियाई बाजारों में शुक्रवार को मिला-जुला कारोबार देखा गया, क्योंकि अमेरिकी बाजार लगातार तीसरे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ था। अमेरिका में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर करीब 5.22 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई, जिसने वैश्विक निवेशक धारणा को प्रभावित किया।
क्रूड ऑयल को लेकर अमेरिका-ईरान वार्ता की संभावनाओं पर बाजार की नजर बनी हुई है, जिसका असर आगामी सत्रों में तेल कीमतों और इससे जुड़े शेयरों पर पड़ सकता है। हालांकि भविष्य की कच्चे तेल की कीमतों को लेकर कोई निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
क्या यह सिर्फ एक दिन की रिकवरी है?
गुरुवार की तीखी गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार में सीमित रिकवरी देखने को मिली, लेकिन यह किसी बड़े ट्रेंड-रिवर्सल का संकेत नहीं कहा जा सकता। निफ्टी लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ है, जो दर्शाता है कि व्यापक साप्ताहिक रुझान अब भी कमजोर बना हुआ है। बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) मिली-जुली रही, क्योंकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में अलग-अलग रुझान देखने को मिले। इसलिए इसे सतर्कता के साथ एक दिन की तकनीकी रिकवरी के तौर पर ही देखा जाना उचित होगा।
अगले कारोबारी सत्र में किन चीजों पर नजर रहेगी?
आगामी सत्रों में निवेशकों की नजर इन कारकों पर रहेगी:
- क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, खासकर अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़े घटनाक्रम
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक बाजारों का रुख
- विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों (FII/DII) की खरीद-बिक्री गतिविधि
- रुपये-डॉलर विनिमय दर में बदलाव
- आईटी और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े कॉरपोरेट और नियामकीय घटनाक्रम
Key Takeaways
- सेंसेक्स 315.20 अंक (0.43%) चढ़कर 73,895.74 पर, जबकि निफ्टी 77.40 अंक (0.34%) चढ़कर 23,140.50 पर बंद हुआ
- यह रिकवरी गुरुवार की तीखी गिरावट के बाद आई, जब बीमा क्षेत्र से जुड़ी खबरों ने वित्तीय शेयरों पर दबाव डाला था
- रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे मजबूत प्रदर्शन रहा, बैंकिंग शेयरों में भी चुनिंदा खरीदारी देखी गई
- आईटी शेयरों में दबाव और मिश्रित वैश्विक संकेतों ने तेजी को सीमित रखा
- निफ्टी लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ, जो 2020 के बाद सबसे लंबा साप्ताहिक गिरावट सिलसिला है
FAQs
Q1. 25 सितंबर 2026 को Sensex कितने पर बंद हुआ?
सेंसेक्स 315.20 अंक या 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,895.74 पर बंद हुआ।
Q2. आज Nifty कितने अंक चढ़ा?
निफ्टी 50, 77.40 अंक या 0.34 प्रतिशत चढ़कर 23,140.50 पर बंद हुआ।
Q3. Sensex में तेजी की वजह क्या रही?
गुरुवार की भारी गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग, रियल्टी और ऑटो शेयरों में खरीदारी तथा वोलैटिलिटी इंडेक्स में गिरावट प्रमुख कारण रहे।
Q4. Banking stocks का प्रदर्शन कैसा रहा?
एक्सिस बैंक जैसे शेयरों में मजबूती रही और यह सेंसेक्स के टॉप गेनर्स में शामिल रहा, हालांकि पूरे बैंकिंग सेक्टर में खरीदारी चुनिंदा शेयरों तक सीमित रही।
Q5. Auto stocks में आज क्या हुआ?
महिंद्रा एंड महिंद्रा की अगुआई में ऑटो शेयरों में मजबूती रही और यह सेक्टर रियल्टी के साथ आज के टॉप परफॉर्मर्स में शामिल रहा।
Q6. पिछले कारोबारी दिन शेयर बाजार क्यों गिरा था?
गुरुवार को बीमा नियामक द्वारा कमीशन और वितरण लागत से जुड़े संभावित नियमों में बदलाव की खबरों ने वित्तीय शेयरों पर दबाव डाला, जिससे व्यापक बाजार में बिकवाली देखी गई।
Q7. FII और DII ने आज क्या किया?
25 सितंबर 2026 के लिए अंतिम और पुष्ट FII/DII आंकड़े फिलहाल स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
Q8. अगले कारोबारी सत्र में किन चीजों पर नजर रहेगी?
क्रूड ऑयल की कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, FII/DII गतिविधि, रुपये की चाल और वैश्विक बाजारों के रुझान पर निवेशकों की नजर रहेगी।










